पश्चिम एशिया संघर्ष में छह भारतीयों की मौत और एक लापता, सुरक्षा कारणों से तीन लाख लोग छोड़ चुके हैं इलाका

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के कारण अब तक छह भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय ने 19 अक्टूबर को एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान इस बात की पुष्टि की। हालात बिगड़ने के बाद अब तक करीब 3 लाख भारतीय प्रवासी इस क्षेत्र को छोड़कर जा चुके हैं।
10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर हूती मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। मरने वालों में हैदराबाद के मेहदीपटनम के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल थे, जो पिछले दस साल से सऊदी अरब में रह रहे थे। वह अपने परिवार के साथ उमराह के लिए यात्रा कर रहे थे।
इस हमले में यूसुफ अली के 18 साल के बेटे अमन और 16 साल के बेटे वसी गंभीर रूप से घायल हुए। अमन के घुटने का ऑपरेशन करना पड़ा, जबकि वसी की उंगलियां कट गईं। उनकी पत्नी समीरा, 11 साल की बेटी मरियम और एक चाची भी घायल हुए। इस हमले में 11 अन्य भारतीय नागरिक भी जख्मी हुए, जिनमें से कई का इलाज आईसीयू में चल रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शोक जताया है और रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने अंतिम संस्कार और इलाज में मदद की है।
वहीं 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरेज में निकारागुआ ध्वज वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर समुद्री ड्रोन हमला हुआ। जहाज पर मौजूद 11 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से नौ को बचा लिया गया, लेकिन दो अब भी लापता हैं। लापता लोगों में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव शामिल हैं। दोनों अपनी पहली समुद्री यात्रा पर थे। ओमान के अधिकारी और मस्कट में भारतीय दूतावास उनकी तलाश कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने जीसीसी देशों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने भारत के ध्वज वाले जहाज एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी सहित शिपिंग पर हो रहे हमलों का जिक्र किया। इसके अलावा 13 अक्टूबर को सऊदी अरब के जिज़ान में एक कार्यस्थल दुर्घटना में तेलंगाना के 27 वर्षीय काशिरेड्डी राकेश की मौत हो गई, जब क्रेन से ले जाई जा रही एक पाइप उन पर गिर गई। दक्षिण दुबई में मलबे के गिरने से कुछ भारतीयों को मामूली चोटें आई हैं।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा ने 24 अक्टूबर तक रियाद, जेद्दा और दम्माम की उड़ानें निलंबित कर दी हैं। यात्री नवंबर के मध्य तक अपनी फ्लाइट मुफ्त में रीबुक कर सकते हैं। सरकार ने नागरिकों को बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते यात्रा करने की सलाह दी है। सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन लोगों को वापस लाने के प्रयासों में जुटे हैं और नागरिकों को हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने को कहा गया है।