पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण छह भारतीयों की मौत और एक लापता विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई है और एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक तीन लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासी इस क्षेत्र को छोड़कर जा चुके हैं।
अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर. महाजन ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान ये आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं ताकि शवों को वापस लाया जा सके और लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके।
एक बड़ी घटना 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई। यहां टर्मिनल 3 पर हूती मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा घायल हुए। मरने वालों में हैदराबाद के मेहदीपटनम के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल थे।
इस हमले में यूसुफ अली के 18 साल के बेटे अमन और 16 साल के बेटे वसी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनकी पत्नी समीरा और बेटी मरियम को मामूली चोटें आई हैं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 11 भारतीय घायल हुए, जिनमें से कुछ अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शोक व्यक्त किया है और रियाद स्थित भारतीय दूतावास परिवार की मदद कर रहा है।
वहीं 11 अक्टूबर को ओमान के सोहार एंकरेज में निकारागुआ ध्वज वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ। इस घटना में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव लापता हैं। जहाज के नौ अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
इसके अलावा 13 अक्टूबर को सऊदी अरब के जिज़ान में क्रेन पाइप गिरने से तेलंगाना के 27 वर्षीय कशिरिड्डी राकेश की मौत हो गई।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद को जीसीसी देशों में रह रहे एक करोड़ भारतीयों के जोखिमों के बारे में बताया। उन्होंने बुनियादी ढांचे और जहाजों पर हमलों का जिक्र किया, जिसमें भारत के एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी भी शामिल था।
एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने सऊदी अरब की उड़ानें 24 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और संघर्ष वाले इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग न करने की सलाह दी है।