West Asia Tension: ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 7 शर्तें, जंग रोकने की चेतावनी के बाद व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप

पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर से बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को कैंप डेविड में अपना वीकेंड स्टे बीच में ही छोड़कर अचानक वापस व्हाइट हाउस लौटना पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है, जहां ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने कुल 7 शर्तें रख दी हैं और मांगें पूरी न होने पर एक निर्णायक युद्ध लड़ने की चेतावनी भी दी है।
ईरान ने रखी ये बड़ी शर्तें
ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने कतर के मीडिया संस्थान Al Jazeera को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वे मध्यस्थ देश कतर के संपर्क में हैं। कतर ने उनकी शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अब वे अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। ईरान की मुख्य शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत बंद करना, उनके रोके गए फंड यानी फ्रोजन फंड्स को वापस करना और नौसैनिक नाकेबंदी को समाप्त करना शामिल है। ईरान का कहना है कि इन शर्तों को मानना अमेरिका के हित में है और राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का कोई असर नहीं होगा।
खाड़ी देशों में अमेरिकी मिशनों पर हाई सिक्योरिटी अलर्ट
इस तीखे तनाव के बाद खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशनों पर हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को Iraq, Bahrain, Oman, Saudi Arabia, Iran, Qatar, Lebanon, Kuwait और Jordan में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पहले भी सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में संघर्ष तेजी से भड़क सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगियों की संपत्तियों पर दुनिया भर में खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
सऊदी अरब और सीरिया में सैन्य हलचल
इस बीच, रूसी मीडिया आउटलेट Russia Today ने खबर दी है कि ब्रिटेन के एक एयर बेस से अमेरिकी बॉम्बर विमान पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो चुका है। वहीं, ईरान के Press TV के अनुसार पूर्वोत्तर सीरिया के अल-हसकाह में खराब अल-जिर बेस के पास एयर डिफेंस एक्टिविटी दर्ज की गई है। सऊदी अरब ने पहले ही जानकारी दी थी कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की थी, जिसे सऊदी सुरक्षा बलों ने हवा में ही नाकाम कर दिया। हालांकि हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने कुछ संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन उन्होंने सटीक जगहों के नाम नहीं बताए।
सऊदी क्राउन प्रिंस की कड़ी चेतावनी
बढ़ते हमलों के बीच सऊदी क्राउन प्रिंस Muhammad Bin Salman ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें यमन के मासूम नागरिकों की जान की फिक्र न होती, तो वे केवल एक हफ्ते के भीतर यमन को जीत लेते और हूती विद्रोहियों का पूरी तरह से सफाया कर देते। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी U.N. General Assembly में शामिल होने के लिए दुनिया भर के बड़े नेता इकट्ठा हो रहे हैं। इस वैश्विक सम्मेलन के दौरान पश्चिम एशिया का यह संघर्ष मुख्य चर्चा का केंद्र रहने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले संकेत दिया था कि ईरान अमेरिका के साथ किसी समझौते की चाहत रखता है, हालांकि वह तेहरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया के इन हालातों पर टिकी हुई हैं ताकि इस संघर्ष का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।