West Bank में बड़ा हमला, NBC News की टीम और फिलिस्तीनी महिला पर सेटलर्स ने किया वार.

शनिवार, 29 अगस्त 2026 को वेस्ट बैंक के जालुद शहर के पास एक बड़ी घटना सामने आई, जहां अमेरिकी मीडिया नेटवर्क NBC News की टीम और एक स्थानीय फिलिस्तीनी महिला पर हमला कर दिया गया। यह हमला उस समय हुआ जब पत्रकार और मीडियाकर्मी वहां के हालात का जायजा ले रहे थे और एक आम नागरिक से बातचीत कर रहे थे। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए और गाड़ियों के साथ-साथ कैमरे के सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
घटना की पूरी जानकारी और कैसे हुआ हमला
एनबीसी न्यूज के इंटरनेशनल कॉरेस्पोंडेंट Matt Bradley, कैमरामैन Khaldoon Eid, प्रोड्यूसर Lawahez Jabari और उनके ड्राइवर की टीम वेस्ट बैंक के जालुद इलाके में मौजूद थी। वे लोग 51 साल की फिलिस्तीनी महिला Aida Ahmed Abdullah का इंटरव्यू ले रहे थे। अहिल्या अहमद अब्दुल्ला इस बात की जानकारी दे रही थीं कि कैसे सेटलर्स ने उन्हें उनके घर से जबरन बेदखल कर दिया था। बातचीत चल ही रही थी कि अचानक वहां नकाबपोश इजरायली सेटर्स का एक समूह पहुंच गया। चश्मदीदों के अनुसार, ये हमलावर इजरायली नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी में सवार होकर आए थे और गाड़ी से उतरते ही उन्होंने डंडों तथा पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया।
इस अचानक हुए हमले में इंटरव्यू दे रही महिला Aida Ahmed Abdullah गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत मौके से निकालकर फिलिस्तीनी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां शनिवार रात तक उनका इलाज जारी था। इसके अलावा एनबीसी के संवाददाता Matt Bradley के हाथ पर दो बार डंडे से चोट लगी। हमलावरों ने न सिर्फ लोगों को पीटा बल्कि वहां मौजूद मीडिया टीम के कैमरे के महंगे उपकरण और उनकी एक गाड़ी को भी बुरी तरह तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रोड्यूसर Lawahez Jabari ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान हमलावरों के पास एक बंदूक भी देखी थी, हालांकि गनीमत यह रही कि उसका इस्तेमाल गोली चलाने के लिए नहीं किया गया। इसी दिन पास के ही कुसरा गांव में भी इसी तरह की हिंसा की खबरें सामने आईं।
इजरायली नेताओं और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने जालुद और कुसरा में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में इन हमलावरों को कानून तोड़ने वाला 'हु हुंडफुल ऑफ रायटर्स' यानी उपद्रवियों का एक छोटा समूह करार दिया और कहा कि इनकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि खराब हो रही है। उन्होंने मांग की कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने भी कुसरा में हुई हिंसा की निंदा की है।
घटना की सूचना मिलते ही इजरायली सुरक्षा बलों जिसमें आईडीएफ और बॉर्डर पुलिस शामिल हैं, उन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और उपद्रवियों को खदेड़ा। स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने उन गाड़ियों को जब्त कर लिया है जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इन सेटलर्स द्वारा इस हमले के दौरान किया गया था। इस मामले की औपचारिक जांच भी शुरू कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने जालुद और कुसरा के इलाकों में शांति बनाए रखने और आगे किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए अपनी गश्त और तैनाती बढ़ा दी है ताकि आम नागरिकों और मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अंतर्राष्ट्रीय संगठन और मानवाधिकारों की स्थिति
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय UN OCHA ने साल 2026 के दौरान सेटलर्स द्वारा की जाने वाली हिंसा में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है। ऐसे हमलों की वजह से लगातार फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा रही है और उनकी संपत्ति का भारी नुकसान हो रहा है। इससे पहले अमेरिका के इजरायल में राजदूत ने भी ऐसी हिंसा में शामिल कट्टरपंथी सेटर्स को इजरायली आतंकवादी करार दिया था और भविष्य में अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी थी। इस प्रकार की घटनाएं मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा और शांति के प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।