West Bank में भड़की हिंसा: इसराइली सेना प्रमुख ने दिए कड़े आदेश, बढ़ाई गई सैन्य ताकत.

Sushma Kumari2 September 20263 min read34 viewsWorld
West Bank में भड़की हिंसा: इसराइली सेना प्रमुख ने दिए कड़े आदेश, बढ़ाई गई सैन्य ताकत.

West Bank में लगातार बढ़ती हिंसा और तनाव के बीच इसराइली सेना प्रमुख Eyal Zamir ने सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रहने का सख्त आदेश दिया है। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को काबू में करना है, जिसके तहत कब्जे वाले West Bank में सैनिकों की तैनाती को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि सेना का कुल troop presence 7 अक्टूबर से पहले के स्तर से दोगुने से भी ज्यादा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बड़े कदम के बाद आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

सेना प्रमुख की चेतावनी और अंदरूनी हालात

सेना के शीर्ष नेतृत्व ने अंदरूनी तौर पर कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यहूदी चरमपंथियों की हिंसा अब पूरी तरह से आउट ऑफ कंट्रोल हो चुकी है। सेंट्रल कमांड प्रमुख मेजर जनरल Avi Blot ने भी आगाह किया है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो छिटपुट घटनाएं पूरे इलाके में भीषण आग लगा सकती हैं। इसी बीच, इसराइली सेना ने हाल ही में एक रिजर्व कमांडर को बर्खास्त कर दिया है, जिसका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह Kusra गांव में फिलिस्तीनी नागरिकों पर हुए हमले के दौरान यहूदी चरमपंथियों के साथ मिलकर प्रार्थना कर रहा था। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार पर भी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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राजनीतिक दबाव और चरमपंथी घटनाएं

इस बीच वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के सामने एक कड़ी मांग रखी है। उन्होंने कहा है कि अगले 24 घंटे के भीतर West Bank में 40 अतिरिक्त फिलिस्तीनी स्मारकों को तुरंत गिराया जाए। यह मांग उस घटना के बाद आई है जिसमें Smotrich की पार्टी के ही एक सदस्य ने एक स्मारक को नुकसान पहुंचाया था। Colonization and Wall Resistance Commission के आंकड़ों के अनुसार, अकेले अगस्त के महीने में इसराइली सेना और बस्तियों के लोगों ने फिलिस्तीनियों और उनकी संपत्तियों पर कुल 2,030 बार हमले किए हैं।

मानवीय संकट और यूएन की रिपोर्ट्स

संयुक्त राष्ट्र यानी UN की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक West Bank में कम से कम 76 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें से 23 मौतें सीधे तौर पर बस्तियों के लोगों यानी सेटलर हमलों की वजह से हुईं। इसके अलावा, इस साल जितने भी लोग घायल हुए उनमें से 55% पीड़ित इसी तरह की हिंसा का शिकार बने हैं। बस्तियों के हमलों, जबरन बेदखली और घरों को गिराए जाने की वजह से लगभग 3,800 लोग बेघर हो चुके हैं और लगातार विस्थापन का सामना कर रहे हैं।

सहायता में कटौती और अन्य घटनाएं

बढ़ते संकट के बीच World Food Programme ने घोषणा की है कि वह West Bank में मिलने वाली खाद्य सहायता को आधा करने जा रहा है। फंड की भारी कमी के कारण अब सहायता पाने वाले लोगों की संख्या 400,000 से घटाकर सीधे 200,000 कर दी जाएगी। इसके साथ ही, Deir Ballout इलाके में फिलिस्तीनियों की कृषि योग्य भूमि पर बुलडोजर चलाकर सड़क निर्माण का काम जारी रखा गया। गाजा पट्टी पर हुए हमलों में 2 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जबकि West Bank में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के दौरान 18 लोगों को हिरासत में लिया गया और कई घरों को भी गिरा दिया गया। Beita गांव में हमलावरों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और Wadi Sa'ir में भेड़ों को फिलिस्तीनियों की जमीन पर चरने के लिए छोड़ दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, एक इसराइली अदालत ने नवंबर 2023 के दौरान नौ फिलिस्तीनी कैदियों की पिटाई करने और उनमें से एक की मौत का कारण बनने वाले 12 जेल गार्डों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।

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