वेस्ट बैंक में जैतून की फसल के दौरान बसने वालों ने किसानों पर किए हमले और जलाए पेड़

वेस्ट बैंक: यहां 16 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई जैतून की फसल की कटाई के दौरान बसने वालों की हिंसा में भारी बढ़ोतरी हुई है। बसने वालों ने व्यवस्थित तरीके से किसानों पर हमले किए, उनके वाहनों को नष्ट किया और जैतून के पेड़ों को आग लगा दी। ये सभी घटनाएं अक्सर इजरायली बलों की मौजूदगी में हुई हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के मुताबिक, इस साल की फसल से जुड़े हमलों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले साल 2025 के दौरान दर्ज हुए 185 हमलों से भी ज्यादा है।
फिलिस्तीनी उपनिवेशीकरण और दीवार प्रतिरोध आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अकेले एक शुक्रवार को कम से कम 19 अलग-अलग हमले हुए। इन हमलों में फसलों और पशुओं की चोरी के साथ-साथ आम नागरिकों पर सीधे हमले किए गए।
फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इन कार्रवाइयों को युद्ध अपराध बताया है। मंत्रालय ने 8 अक्टूबर की एक घटना का जिक्र किया जिसमें 44 वर्षीय अली हसन यासर अल-बजारी की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।
इजरायली अधिकार समूह 'येश डिन' ने रिपोर्ट किया है कि फसल कटाई के दौरान दर्ज की गई 100 चोरियों में से 25 प्रतिशत घटनाएं इजरायली सेना की मौजूदगी में हुईं।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर ने 15 अक्टूबर को कहा कि बसने वालों की हिंसा को खत्म करना होगा क्योंकि ऐसा व्यवहार इजरायली मूल्यों के खिलाफ है। हालांकि, फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि इस सीजन की शुरुआत से अब तक कम से कम चार फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है और 100 से ज्यादा घायल हुए हैं।
मानवीय एजेंसियों ने बताया कि इजरायल द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के कारण फिलिस्तीनियों के लिए 'एरिया सी' में काम करना मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी कृषि भूमि तक पहुंच बाधित हुई है।
मिडल ईस्ट पीस प्रोसेस के एक्टिंग स्पेशल कोऑर्डिनेटर रमीज़ अलकबरोव ने इजरायली अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे जमीन तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करें और इस व्यवस्थित हिंसा के दोषियों को जवाबदेह ठहराएं।