West Bank में इसराइली सेना की कार्रवाई, दो फ़िलिस्तीनी किशोरों की मौत से बढ़ा तनाव.

Nura Basta3 September 20263 min read43 viewsWorld
West Bank में इसराइली सेना की कार्रवाई, दो फ़िलिस्तीनी किशोरों की मौत से बढ़ा तनाव.

वेस्ट बैंक के रामल्लाह के पास अल-मुघय्यर गांव में इसराइली सेना की गोलीबारी में दो फ़िलिस्तीनी किशोरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में जारी हिंसा और सुरक्षा हालातों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की पूरी जानकारी और मुख्य विवरण

2 सितंबर 2026 को हुई इस घटना में मारे गए किशोरों की पहचान 19 वर्षीय उमर मोहम्मद नाजी अल-नस्सान और 16 वर्षीय खलील रासेम खलील शहादा के रूप में हुई है। फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों घायलों को रामल्लाह के अस्पतालों में ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अल-नस्सान को गर्दन में गोली लगी थी, जबकि शहादा को पीठ में गोली मारी गई थी। इन दोनों युवाओं का अंतिम संस्कार 3 सितंबर 2026 को किया गया।

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अल-मुघय्यर गांव के ग्राम परिषद के प्रमुख अमिन अबू आलिया ने बताया कि हिंसा तब शुरू हुई जब इसराइली नागरिकों ने स्थानीय लोगों के घरों से भेड़ें चुराने की कोशिश की। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो इसराइली सेना ने कथित तौर पर गांव को घेर लिया और स्नाइपर तैनात कर दिए। सेना ने उन लोगों पर गोलियां चलाईं जो सेटर्स का विरोध कर रहे थे। दूसरी ओर, इसराइली सेना का दावा है कि उनके सैनिक गांव में मिले मवेशियों को बरामद करने के लिए इलाके को सुरक्षित कर रहे थे। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि वहां हिंसक उपद्रव हुआ जिसमें कंक्रीट के ब्लॉक और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण मुख्य हुड़दंगियों पर लाइव फ़ायर का इस्तेमाल करना पड़ा। सेना का कहना है कि इस मामले की अभी समीक्षा की जा रही है।

क्षेत्र में हिंसा और संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े

यह घटना क्षेत्र में चल रही व्यापक हिंसा का ही एक हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक वेस्ट बैंक में सैनिकों या नागरिकों द्वारा कम से कम 81 फ़िलिस्तीनियों की जान जा चुकी है, जिनमें 20 बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस साल हर दिन औसतन तीन से ज्यादा हमलों का दस्तावेजीकरण किया है। इसके अलावा, इसराइली सुरक्षा प्रतिष्ठान ने साल 2026 के पहले छह महीनों में इस तरह की हिंसा की 660 घटनाएं दर्ज कीं, जो पिछले साल यानी 2025 की इसी अवधि की तुलना में 63 प्रतिशत अधिक हैं।

राजनीतिक माहौल और अन्य घटनाएं

आगामी शरद ऋतु 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के कारण राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच अपने दक्षिणपंथी वोट बैंक को एकजुट करने में लगे हुए हैं। हाल ही में स्मोट्रिच ने 40 फ़िलिस्तीनी स्मारकों को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, हाल ही की अन्य घटनाओं में, इसराइली सैनिकों ने बुधवार को खिरबत अल तब्बान गांव को ढहा दिया, जिससे 28 बच्चों सहित कुल 70 लोग बेघर हो गए। इसके अलावा, पुलिस ने कुस्रा गांव पर हुए एक पुराने हमले के सिलसिले में 3 सितंबर को 19 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।

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