पैसे की कमी के कारण वर्ल्ड फूड प्रोग्राम गाजा में पांच लाख फिलिस्तीनियों की खाद्य सहायता में करेगा भारी कटौती

Gautam Sahu19 October 20262 min read0 viewsWorld
पैसे की कमी के कारण वर्ल्ड फूड प्रोग्राम गाजा में पांच लाख फिलिस्तीनियों की खाद्य सहायता में करेगा भारी कटौती

गाजा: वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने फंड की भारी कमी के चलते गाजा में खाद्य सहायता को काफी कम करने का ऐलान किया है। 19 अक्टूबर 2026 को जारी इस फैसले से करीब पांच लाख फिलिस्तीनियों पर असर पड़ेगा। इस कटौती के बाद अब सहायता पाने वालों की संख्या 16 लाख से घटकर 11 लाख रह जाएगी।

एजेंसी ने साफ किया है कि यह कदम मदद पहुंचाने में आने वाली दिक्कतों की वजह से नहीं, बल्कि वित्तीय तंगी के कारण उठाया गया है। फिलिस्तीन के लिए डब्ल्यूएफपी के कंट्री डायरेक्टर शॉन ह्यूजेस ने चेतावनी दी है कि सर्दियों के आने से पहले खाद्य सुरक्षा की स्थिति अभी भी नाजुक है। उन्होंने कहा कि हालात इतने नहीं सुधरे हैं कि सहायता में ऐसी कटौती की जाए।

डब्ल्यूएफपी के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काऊ ने गाजा की स्थिति को अब भी क्रूर बताया है और अंतरराष्ट्रीय दाताओं से समर्थन जारी रखने की अपील की है। एजेंसी को अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक गाजा और वेस्ट बैंक में काम चलाने के लिए 450 मिलियन डॉलर (लगभग 400 मिलियन यूरो) की सख्त जरूरत है। साल 2026 के लिए उम्मीद की गई फंडिंग का आधा हिस्सा भी अब तक नहीं मिला है।

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इस कटौती का सीधा असर राशन पर पड़ेगा, जहां अब दो के बजाय सिर्फ एक पार्सल और गेहूं के आटे के छोटे बैग दिए जाएंगे। साथ ही 75 हजार परिवारों को मिलने वाली मासिक नकद सहायता 1,250 शेकेल से घटाकर 750 शेकेल कर दी जाएगी। रोजाना दिए जाने वाले गर्म भोजन की संख्या भी 2.5 लाख से घटकर 1.5 लाख रह जाएगी। दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों को अब हर दूसरे दिन गर्म भोजन मिलेगा।

इससे पहले सितंबर में वेस्ट बैंक के दो लाख लोगों की सहायता में कटौती की गई थी। गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने इस फैसले को विनाशकारी बताया है और कहा कि इससे अकाल की रफ्तार बढ़ जाएगी। कार्यालय ने इजरायल पर भूख का युद्ध छेड़ने और भोजन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उसे इस मानवीय संकट का जिम्मेदार ठहराया है।

मीडिया कार्यालय ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वे इजरायल पर सभी बॉर्डर क्रॉसिंग खोलने का दबाव डालें। साथ ही अरब और इस्लामिक देशों से जमीन और समुद्र के जरिए सहायता गलियारे बनाने और वित्तीय मदद देने की अपील की गई है।

आंकड़ों के मुताबिक गाजा की दो-तिहाई आबादी यानी करीब 14 लाख लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, जिनमें से दो लाख लोग आपातकालीन स्थितियों में रह रहे हैं। अक्टूबर 2025 में युद्धविराम के बाद हालात में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन 80 प्रतिशत आबादी अब भी बेरोजगार है और पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।

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