West Bank Settlements: अमेरिका का इसराइल पर बढ़ा दबाव, वेस्ट बैंक बस्तियों के विस्तार पर व्हाइट हाउस ने दिया बड़ा बयान।

वेस्ट बैंक बस्तियों के विस्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका की तरफ से भी इस मामले में लगातार तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। 26 अगस्त 2026 को एक व्हाइट हाउस के अधिकारी ने अल जज़ीरा को जानकारी दी कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रुख को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इसराइली राजनेता वही कदम उठाएंगे जो वे चाहते हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब इसराइली नीतियों की देश और दुनिया भर में कड़ी आलोचना की जा रही है और कब्जे वाले इलाकों में बस्तियों को बसाने के मामलों पर गहरी नजर रखी जा रही है। आम लोगों और राजनीतिक जानकारों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि अमेरिका इस मामले में क्या ठोस कदम उठाएगा।
इसराइली प्रधानमंत्री का बयान और अमेरिकी सांसदों का विरोध
दूसरी तरफ, इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सार्वजनिक तौर पर यह ऐलान किया है कि बस्तियों का निर्माण कार्य आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने फिलिस्तीनी क्षेत्र में भारी संख्या में लोगों के आने और बसने का वादा किया और कहा कि लोग इसराइल की भूमि के सपने को पूरा कर रहे हैं और यह उनकी अपनी जमीन है। इस बीच, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख डेमोक्रेट नेता Gregory Meeks ने 26 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump को एक औपचारिक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने इसराइल की तरफ से E1 क्षेत्र में 1,200 से अधिक नए मकानों के लिए टेंडर जारी करने के फैसले पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ये बस्तियां अवैध हैं और इस तरह का विस्तार दो-राष्ट्र समाधान को असंभव बना रहा है।
सीनेट के सदस्यों ने की हिंसा रोकने की मांग
इस दबाव को और बढ़ाते हुए अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेटिक कॉकस के 47 में से 42 सदस्यों ने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को एक पत्र भेजा। इन सीनेटरों ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे बस्तियों में रहने वाले लोगों द्वारा की जा रही हिंसा और फिलिस्तीनियों की बड़े पैमाने पर हो रही गिरफ्तारियों पर रोक लगाएं। इस पत्र में साल 2022 से अब तक कथित तौर पर बस्तियों के लोगों या सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए नौ अमेरिकी नागरिकों की मौतों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा, सीनेटरों ने इसराइल से नई बस्तियों और अवैध चौकियों की मंजूरी की प्रक्रिया को तुरंत रोकने का आग्रह किया ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके।
सुरक्षा बैठक और यूएनआरडब्ल्यूए पर अभियान
इन सभी घटनाओं से पहले, 25 अगस्त 2026 को तेल अवीव में अमेरिका के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी से मुलाकात की थी और उन्हें स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि अमेरिकी समर्थन को हमेशा के लिए हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों के इन लगातार दबावों के बाद, प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 24 अगस्त 2026 को इस मामले पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की ताकि क्षेत्र में फैल रहे तनाव और अशांति को नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसराइल कथित तौर पर वेस्ट बैंक पर अपने कब्जे की योजना को आगे बढ़ाने के लिए UNRWA के खिलाफ अपने अभियान को और ज्यादा तेज कर रहा है।