बाब अल-मंडब में हूतियों पर भारी पड़ा 'विशाल ब्रिगेड', तबाह किए ठिकाने

यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास, विशाल ब्रिगेड ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर जोरदार हमला किया है. यह हमला तब हुआ जब ब्रिगेड ने हूती मिलिशिया के जमावड़ों और सैन्य साजो-सामान को निशाना बनाया. इस कार्रवाई से क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष में एक नया मोड़ आ गया है.
विशाल ब्रिगेड ने 27 सितंबर, 2026 को घोषणा की थी कि उन्होंने बाब अल-मंडब मोर्चे पर हूती विद्रोहियों के जमावड़ों और सैन्य उपकरणों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है. यह जानकारी सऊदी न्यूज़ (@SaudiNews50) अकाउंट के जरिए साझा की गई थी, जो इस इलाके में लगातार हो रहे सैन्य अभियानों को रेखांकित करती है.
यह कार्रवाई यमनी सरकार की सेनाओं, जिसमें विशाल ब्रिगेड भी शामिल है, द्वारा की गई रक्षात्मक कार्रवाइयों की एक श्रृंखला का हिस्सा है. 26 सितंबर, 2026 को विशाल ब्रिगेड ने लाहज गवर्नरेट में हूती विद्रोहियों के आगे बढ़ने के प्रयासों को विफल करने की सूचना दी थी. गठबंधन सेनाओं ने इस दौरान लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा है और ताइज़ में हूती ठिकानों पर कई छापे मारे हैं. उन्होंने पिछले दो हफ्तों में दुश्मन के सभी अग्रिम प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल करने की भी जानकारी दी है, बावजूद इसके कि हूती विद्रोहियों ने बड़ी संख्या में सैनिकों को मजबूत किया था.
इससे पहले, 20 से 21 सितंबर के बीच, विशाल ब्रिगेड ने पांच हूती वाहनों को नष्ट करने की पुष्टि की थी. इनमें एक परिवहन वाहन भी शामिल था, जिसमें 23 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार ले जाया जा रहा था. इसके अलावा, एक वाहन हूती कमांडर का बताया गया था, और उस पर सवार सभी कर्मियों को मार गिराया गया था.
बाब अल-मंडब में सामान्य लामबंदी और सऊदी समर्थन
बाब अल-मंडब निदेशालय के स्थानीय अधिकारियों ने इस बढ़ती हुई सैन्य गतिविधि के जवाब में सामान्य लामबंदी की घोषणा कर दी है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार को सऊदी अरब द्वारा दिए जा रहे लगातार सैन्य और लॉजिस्टिक समर्थन के लिए सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है.
पूरे संघर्ष को संबोधित करते हुए, यमनी प्रधानमंत्री शायिया अल-ज़िंदानी ने 26 सितंबर को स्थिति को 'अस्तित्व की लड़ाई' बताया था. उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं से संभावित सैन्य वृद्धि के लिए तैयार रहने का आग्रह किया था. यमनी राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य और मारिब के गवर्नर सुल्तान अल-अरदाह ने भी बाब अल-मंडब गलियारे के पास हूती गतिविधियों की निगरानी के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया था. उन्होंने सभी मोर्चों पर स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया था.