यमन में हवाई हमला: हूती विद्रोहियों पर बड़ी कार्रवाई, दर्जनों मारे गए

Sushma Kumari27 September 20263 min read10 viewsYemen
यमन में हवाई हमला: हूती विद्रोहियों पर बड़ी कार्रवाई, दर्जनों मारे गए

यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया गया है। 27 सितंबर, 2026 को यमन वायुसेना ने ताइज़ प्रांत के पूर्वी हिस्से में स्थित अल-हौबान क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के एक नए सैन्य शिविर पर सटीक हमला किया। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब विद्रोही अपने नए शिविर में पहुंचने वाले थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिल पाया। इस कार्रवाई से इलाके में सैन्य गतिविधियों में तेज़ी आ गई है और संघर्ष एक बार फिर गहरा गया है।

पिछले कुछ दिनों से ताइज़ प्रांत में लगातार military operations चल रही हैं। हमले से ठीक पहले, बीते 24 घंटों के दौरान यमन सरकार की सेनाओं ने हवाई और तोपखाने का इस्तेमाल करते हुए कई मोर्चों पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाए थे। 26 सितंबर को, सरकारी military sources ने बताया था कि उन्होंने हूती विद्रोहियों के supply convoys को निशाना बनाया। ये हमले अल-सत्तीन स्ट्रीट पर किए गए, जहाँ से विद्रोहियों को ज़रूरी सामान पहुंचाया जा रहा था। इसके साथ ही, अल-वाज़ियाह जिले में हूती विद्रोहियों के reinforcements (अतिरिक्त बलों) पर भी प्रहार किया गया। माविया क्षेत्र में स्थित उनके हथियार डिपो (गोदाम) को भी raids (छापों) का निशाना बनाया गया था।

इन ताबड़तोड़ ऑपरेशन्स के दौरान, अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि दर्जनों हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं। इसका मतलब है कि विद्रोहियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, यमन वायुसेना ने ताइज़ शहर के भीतर, धुबाब जिले में, और अल-काधाह तथा अल-अहकौम जैसे अहम मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के जमावड़ों (एक जगह इकट्ठा होने वाले समूहों) पर भी कई strikes (हमले) किए। इन हमलों का मकसद विद्रोहियों की ताकत को कमज़ोर करना और उन्हें एक जगह इकट्ठा होने से रोकना था।

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सरकारी सेना ने सिर्फ हमला ही नहीं किया, बल्कि अपनी रक्षा भी मजबूती से की। ताइज़ के पश्चिमी हिस्से में स्थित अल-अलकामा-रासन मोर्चे पर हूती विद्रोहियों ने एक बड़ा हमला करने की कोशिश की थी। लेकिन, सरकारी बलों ने इस Offensive (आक्रामक हमले) को सफलतापूर्वक Repelled (पीछे धकेल दिया) और विद्रोहियों को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान भी विद्रोहियों को काफी नुकसान हुआ और उन्हें कई तरह की Casualty (जान-माल का नुकसान) झेलनी पड़ी। उसी दिन, सैन्य इकाइयों ने ताइज़ के दक्षिण में तबाह सरीह में हूती ठिकानों को निशाना बनाया। शहर के उत्तर-पश्चिम में वादी ग़ोरा नामक जगह पर हूती तत्वों से संबंधित एक सैन्य squad (टुकड़ी) और उनकी मोटरसाइकिलों को भी Destroy (नष्ट) कर दिया गया। यह दर्शाता है कि सरकारी सेना हर मोर्चे पर सक्रिय है और विद्रोहियों को किसी भी तरह से मजबूत होने का मौका नहीं दे रही है।

हूती विद्रोहियों के हवाई हमलों के दावे और क्षेत्रीय तनाव

इस बढ़ते संघर्ष के बीच, हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने एक बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान सऊदी के नेतृत्व वाले युद्धक विमानों ने इसी अवधि में छह प्रांतों में कुल 27 हवाई हमले किए थे। इन प्रांतों में ताइज़, मारिब, सादा, अमरान, इब्ब और हज्जा शामिल हैं। हूती नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि जब से यह हालिया Escalation (संघर्ष का बढ़ना) शुरू हुआ है, तब से कुल 1,059 हवाई और मिसाइल हमले हो चुके हैं। ये दावे दोनों पक्षों के बीच चल रही गंभीर और व्यापक सैन्य कार्रवाई को दिखाते हैं।

यह क्षेत्र पहले से ही काफी Volatile (अस्थिर) बना हुआ है। इस महीने की शुरुआत में भी खबरें आई थीं कि हूती विद्रोही मोचा के रणनीतिक बंदरगाह और मय्युन द्वीप के पास अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे थे। ये जगहें व्यापार और समुद्री रास्तों के लिए बहुत अहम मानी जाती हैं। हूती विद्रोहियों की ऐसी हरकतें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। यमन में लगातार जारी यह संघर्ष, न केवल देश के भीतर, बल्कि पूरे Gulf region (खाड़ी क्षेत्र) में भी सुरक्षा और शांति के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

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