यमन में भयंकर जंग तेज, बाब अल-मंदेब पर कब्जे की होड़, UN चिंतित.

Praggya Singh sabal26 September 20263 min read13 viewsYemen
यमन में भयंकर जंग तेज, बाब अल-मंदेब पर कब्जे की होड़, UN चिंतित.

यमन में संघर्ष एक बार फिर भयंकर रूप से तेज हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है. देश के कई प्रमुख हिस्सों, जैसे तइज़ (Taiz), लाहिज (Lahij), मारिब (Marib) और अल जवफ़ (Al Jawf) में भीषण झड़पें चल रही हैं. इन सबके बीच, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) संघर्ष का एक नया और महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक शिपिंग लेन (वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास युद्ध को और भी जटिल बना रहे हैं.

हाउती समूह ने कथित तौर पर पेरिम द्वीप (Perim Island) पर कब्जा कर लिया है, जिससे उन्हें महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्गों पर सीधा प्रभाव डालने की शक्ति मिल गई है. यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है. दूसरी ओर, यमनी सरकारी बल, स्थानीय कबाइली लड़ाकों के साथ मिलकर, हाउती के आगे बढ़ने के प्रयासों को रोकने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं. वे विशेष रूप से उन रणनीतिक ऊँचाइयों को सुरक्षित करने में लगे हुए हैं, जहाँ से जलडमरूमध्य पर नजर रखी जा सकती है. हाल ही में, उन्होंने लाहिज (Lahj) के अल-मदारिबा व अल-अरह (Al-Madaribah Wa Al-Arah) जिले में पर्वतीय चौकियों को हाउती नियंत्रण से वापस ले लिया है, जिसमें महत्वपूर्ण नूमान पर्वत (Nouman Mountain) भी शामिल है.

अल जज़ीरा के पत्रकार मोहम्मद अल क़ादी (Mohammed Al Qadi) के अनुसार, इन स्थानीय लड़ाइयों के एक व्यापक संघर्ष में बदलने का खतरा अभी भी बहुत अधिक है. उनकी यह टिप्पणी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा करती है. हाउती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेया (Yahya Sarea) ने एक बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में तइज़ (Taiz), अमरान (Amran), मारिब (Marib) और सअदा (Saada) में 14 हवाई हमले और मिसाइल हमले किए हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्तमान वृद्धि के बाद से अब तक सऊदी अरब द्वारा कुल 1,032 ऐसे हमले किए जा चुके हैं. वहीं, यमनी सरकारी बलों ने अपनी ओर से जानकारी दी कि उन्होंने पश्चिमी तइज़ में अल-कधा (Al-Kadha) मोर्चे पर हाउती ठिकानों पर एक ड्रोन हमला किया. इस हमले के परिणामस्वरूप हाउती लड़ाकों में सात लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं. यह दोनों ओर से हमलों और जवाबी हमलों की बढ़ती तीव्रता को दर्शाता है.

इस नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई का मानवीय टोल बहुत अधिक है. संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से अब तक कम से कम 125,000 नागरिक या तो मारे गए हैं, घायल हुए हैं या विस्थापित हुए हैं. यह आंकड़ा संघर्ष की भयावहता और आम लोगों पर इसके विनाशकारी प्रभाव को उजागर करता है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने शुक्रवार, 25 सितंबर को हाउती द्वारा सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे और नागरिकों पर बार-बार किए गए हमलों की औपचारिक रूप से निंदा की. सुरक्षा परिषद ने तुरंत तनाव कम करने और लाल सागर (Red Sea) तथा बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandab) में नेविगेशन अधिकारों की सुरक्षा का आह्वान किया. इस वैश्विक संस्था का हस्तक्षेप बताता है कि स्थिति कितनी गंभीर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर कितना चिंतित है.

बिगड़ती स्थिति के जवाब में, यमनी राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी (Rashad al-Alimi) ने देशव्यापी सामान्य लामबंदी (जनरल मोबिलाइजेशन) का आह्वान किया है. उन्होंने नागरिकों से सऊदी समर्थित सशस्त्र बलों में शामिल होने का आग्रह किया है ताकि देश की संप्रभुता की रक्षा की जा सके. अल-अलीमी ने हाउती दल-बदलुओं के लिए आम माफी की पेशकश की घोषणा भी की है, यह पुष्टि करते हुए कि सरकार का अंतिम लक्ष्य राज्य की संप्रभुता (संपूर्ण अधिकार) को बहाल करना है. इस बीच, सऊदी ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह बिन फौजान अल-फौजान (Sheikh Saleh bin Fawzan Al-Fawzan) ने सऊदी सैनिकों से लगातार संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है. उन्होंने हाउती शक्ति को हटाना एक अति आवश्यक दायित्व बताया है, जो इस संघर्ष की धार्मिक और वैचारिक गंभीरता को भी दर्शाता है. यह बयान संघर्ष में एक धार्मिक आयाम भी जोड़ता है, जिससे इसकी जटिलता और बढ़ जाती है.

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