यमन का सऊदी ठिकानों पर बड़ा हमला, अमेरिका को सीधी धमकी, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जहाँ यमनी सेना ने सऊदी अरब के सीमावर्ती जज़ान (Jazan) क्षेत्र के पास एक बड़े सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। 23 सितंबर, 2026 को हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इस हमले में कथित तौर पर सऊदी सैनिकों की एक सभा और एक हथियार डिपो को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में एक नई उथल-पुथल शुरू हो गई है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यमनी सेना के एक अधिकारी ने जज़ान (Jazan) से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित एक ठिकाने पर सफल हमले की पुष्टि की। इस दावे के बाद जज़ान (Jazan) क्षेत्र में धमाकों की खबरें भी सामने आईं। क्षेत्रीय संघर्षों के बीच सऊदी नागरिक रक्षा अधिकारियों ने तुरंत जज़ान (Jazan) और नजरान (Najran) के लिए संभावित खतरे की चेतावनी जारी की, जिसे बाद में हटा लिया गया। यह घटनाक्रम दिखाता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति कितनी गंभीर बनी हुई है।
सैन्य स्थिति लगातार अस्थिर बनी हुई है। हूती प्रवक्ता याह्या सारी (Yahya Saree) ने 23 सितंबर को आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों के भीतर यमन के होदेइदाह (Hodeidah), तैज (Taiz), अल-बैदा (Al-Bayda), मारिब (Marib) और सादा (Saada) प्रांतों में 52 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। सारी ने दावा किया कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक हताहत हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा तनाव बढ़ने के बाद से सऊदी अरब के हवाई और मिसाइल अभियानों की कुल संख्या अब 988 तक पहुँच गई है। यह आंकड़े क्षेत्र में जारी भारी गोलाबारी की ओर इशारा करते हैं।
इसी बीच, हूती सैन्य सलाहकार अबेद मोहम्मद अल-थौर (Abed Mohammed al-Thawr) ने 23 सितंबर को एक गंभीर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि यदि वाशिंगटन (Washington), सऊदी अरब का समर्थन करने या बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandab Strait) को सुरक्षित करने के लिए हस्तक्षेप करता है, तो यमन मध्य पूर्व में संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) के हितों को निशाना बनाएगा। अल-थौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि सऊदी सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर यमन "लोहे की मुट्ठी" से जवाब देगा। इन सख्त बयानों के समर्थन में, 23 सितंबर को साना (Sanaa) में हजारों यमनियों ने एक रैली निकाली, जिसमें "नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी" और "बढ़ोतरी के बदले बढ़ोतरी" की रणनीति का समर्थन किया गया। यह सार्वजनिक समर्थन हूती नेतृत्व के कड़े रुख को और मजबूत करता है।
इन रिपोर्टों के विपरीत, यमनी सरकारी सेनाओं ने 23 सितंबर को घोषणा की कि एक हवाई हमले में तैज (Taiz) प्रांत के अल-वाज़ियाह (Al-Wazi'iyah) जिले में हूती नेताओं की एक बैठक को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। ये सभी घटनाएँ ऐसे समय में हो रही हैं जब संघर्ष एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया है। बताया जा रहा है कि हूती बलों ने अब बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandab Strait) पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया है। वे पहले भी रियाद (Riyadh) जैसे दूरस्थ लक्ष्यों के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और भी जटिल हो गई है।