हूती और अल-शबाब के बीच गुप्त गठबंधन, यमन ने लगाया ट्रेनिंग और हथियारों के लेन-देन का आरोप

यमनी विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि हूती समूह और सोमाली अल-शबाब एक-दूसरे को ड्रोन ट्रेनिंग और सैन्य मदद दे रहे हैं।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
हूती और अल-शबाब के बीच गुप्त गठबंधन, यमन ने लगाया ट्रेनिंग और हथियारों के लेन-देन का आरोप

सना: यमन के विदेश मंत्रालय ने एक गंभीर खुलासा करते हुए हूती समूह पर सोमालिया के आतंकी संगठन अल-शबाब के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का आरोप लगाया है। सरकार के मुताबिक, यह गठबंधन केवल हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सैन्य प्रशिक्षण और परिचालन विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी शामिल है।

यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने 30 सितंबर 2026 को बताया कि यमन पर तैनात संयुक्त राष्ट्र (UN) की विशेषज्ञ टीम ने इस सहयोग के दस्तावेजी प्रमाण जुटाए हैं। सबूतों से पता चला है कि हूती इंजीनियरों को सोमालिया भेजा गया है, जहाँ वे ड्रोन में बदलाव करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

इसके विपरीत, अल-शबाब के लड़ाकों को हूती समूहों द्वारा संचालित कैंपों में प्रशिक्षण दिया गया है। विदेश मंत्री अल-ज़ौबा ने यह भी खुलासा किया कि सोमाली खुफिया एजेंसियों ने ऐसे संचार संदेश पकड़े हैं, जो हूती, अल-शबाब और आईएसआईएस (ISIS) के बीच संबंधों की पुष्टि करते हैं।

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मंत्री ने बताया कि ये समूह अपने वैचारिक मतभेदों को किनारे रखकर रणनीतिक सहयोग कर रहे हैं। यूनाइटेड स्टेट्स अफ्रीका कमांड (AFRICOM) ने इस गठबंधन को एक बड़ा और बढ़ता हुआ खतरा करार दिया है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस साझेदारी से हॉर्न ऑफ अफ्रीका में अल-शबाब की लड़ाकू क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, इससे हूतियों को लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को बाधित करने की अधिक शक्ति मिल सकती है।

यमनी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सरकार ने आग्रह किया है कि इन निष्कर्षों को कानूनी ढांचे और औपचारिक प्रतिबंध सूचियों में शामिल किया जाए।

विदेश मंत्री अल-ज़ौबा ने खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया बढ़ाने और वैध यमनी सरकार को समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए हूतियों को मिलने वाली वित्तीय और हथियारों की मदद को रोकना बेहद जरूरी है।

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