Yemen में भड़का संघर्ष, अल-बायदा और मोखा शहर पर एयरफोर्स का बड़ा हमला, कई ठिकानों को बनाया निशाना.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बार फिर से हिंसा तेज हो गई है और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 22 सितंबर 2026 को यमन की वायु सेना ने देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में जोरदार हवाई हमले किए। इन हमलों में हौथी विद्रोहियों के ठिकानों और उनके सैन्य उपकरणों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान की। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन खासतौर पर अल-बायदा प्रांत और लाल सागर के पास स्थित मोखा शहर के रणनीतिक इलाकों में चलाया गया।
हवाई हमलों और सैन्य अभियानों का पूरा ब्योरा
यमन की सेना की ओर से अभी तक इन हमलों में किसी भी तरह के जान या माल के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। लेकिन सितंबर महीने के दौरान इस तरह के हवाई अभियानों में काफी तेजी देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि 20 सितंबर 2026 को चलाए गए अभियानों में अल-बायदा में मिसाइल लॉन्च पैड, हथियारों के गोदाम और कम्यूनिकेशन सिस्टम को निशाना बनाकर बीस से ज्यादा सॉर्टे यानी उड़ानें भरी गईं। दूसरी तरफ हौथी संगठन की सबा न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि इसी दिन मोखा बंदरगाह पर सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी हवाई हमले किए, जिसमें दो बच्चों और एक महिला समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए।
रुक-रुक कर चल रहे संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय दखल
आपको बता दें कि यमन का यह पुराना संघर्ष साल 2022 के बाद से काफी हद तक शांत हो गया था, लेकिन जुलाई 2026 में यह फिर से शुरू हो गया और सितंबर आते-आते इसमें बहुत ज्यादा तेजी आ गई है। इस बढ़ते तनाव को देखते हुए दुनिया भर के बड़े देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी चिंता जता रहे हैं। जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ईरान समर्थित हौथियों से अपनी सैन्य गतिविधियां और समुद्री जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की है। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी सऊदी बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बरहम और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे बड़े नेता भी क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षात्मक सहयोग के मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि इस गंभीर स्थिति पर काबू पाया जा सके।