Yemen Airstrikes: यमन में फिर भड़की हिंसा, सऊदी अरब पर हमलों के बाद गठबंधन सेना ने किए ताबड़तोड़ हवाई हमले

यमन में क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर से काफी ज्यादा बढ़ गया है और देश के अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमलों तथा जमीनी झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। 9 सितंबर 2026 को यमन के सशस्त्र बलों ने जानकारी दी कि युद्धक विमानों ने अल-जौफ क्षेत्र में हूती ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए हैं। यह पूरी घटना क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और बढ़ती हिंसा का ही एक हिस्सा है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और दोनों पक्षों की तरफ से लगातार आक्रामक रुख अपनाया जा रहा है।
सऊदी नीत गठबंधन के 32 हवाई हमले
हूती संचालित अल-मसीरा टीवी से मिली रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी नीत गठबंधन ने 9 सितंबर को कुछ ही घंटों के भीतर यमन के चार प्रमुख प्रांतों यानी मारिब, अल-जौफ, ताइज़ और होदेइदाह पर कुल 32 हवाई हमले किए। सैन्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों का मुख्य मकसद जमीन पर चल रही भयंकर लड़ाइयों के बीच सरकारी सेनाओं को हवाई सुरक्षा प्रदान करना था। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों में अल-जौफ में हुए हमलों में कम से कम 21 लोग मारे गए हैं। वहीं हूती-नेतृत्व वाली सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल ने अल-जौफ की प्रांतीय राजधानी अल-हज्म में एक हिरासत केंद्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
हूती हमलों के बाद बढ़ा सैन्य तनाव
हालांकि सऊदी नीत गठबंधन की तरफ से इन खास हमलों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है, लेकिन गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हाल की हूती गतिविधियों को एक बेहद खतरनाक escalation यानी तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि गठबंधन इस स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी और सख्त परिचालन उपाय लागू करेगा। यह पूरी सैन्य कार्रवाई उन हमलों के बाद शुरू हुई है जो हूतियों ने 8 सितंबर को दक्षिणी सऊदी अरब में सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए थे। इन हमलों की वजह से 73 लोग घायल हो गए थे और कई जरूरी सुविधाओं पर अस्थायी रूप से कामकाज रोकना पड़ा था। हूती प्रवक्ता नसरुद्दीन आमेर ने इन हमलों को पिछले तीन दिनों के भीतर हुए 120 से ज्यादा सऊदी नीत हमलों का बदला बताया है।
जमीनी स्तर पर हिंसक झड़पें और संयुक्त राष्ट्र की चिंता
जमीनी स्तर पर कई मोर्चों पर लड़ाई और ज्यादा तेज हो गई है, खासकर उत्तरी प्रांत अल-जौफ में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। 8 सितंबर को यमनी सेना ने हूती मिलिशिया से अल-यातफ क्षेत्र को सफलतापूर्वक अपने नियंत्रण में वापस लेने की घोषणा की। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने बुनियादी ढांचे पर हूती सीमा पार हमलों की कड़ी निंदा करते हुए बयान जारी किए हैं। साथ ही, इन तेज सैन्य टकरावों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने पर गहरी चिंता भी व्यक्त की है। इस लगातार बिगड़ते हालात ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है और आम जनता के लिए जीवन जीना बहुत मुश्किल हो गया है।