Yemen: यमन में फिर भड़की हिंसा, वायु सेना ने हौथी ठिकानों पर की 15 से ज्यादा एयरस्ट्राइक.

यमन के पश्चिमी तटीय इलाकों में युद्ध की स्थिति फिर से गंभीर हो गई है और सरकारी बलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कई बड़े हवाई हमले किए हैं। 4 सितंबर 2026 को यमन की воору (सशस्त्र) सेना ने हौथी विद्रोहियों के ठिकानों, उनके सैनिकों के जमावड़े और सैन्य वाहनों को निशाना बनाते हुए 15 से अधिक एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। ये सभी हमले मुख्य रूप से ताइज़ और होदेइदाह गवर्नर के पश्चिमी तटीय मोर्चों पर केंद्रित रहे। इस सैन्य कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले यानी 3 सितंबर 2026 को लड़ाई में भारी तेजी देखी गई थी, जिसके बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया। सरकारी बलों ने इससे पहले हौथी गुट के ड्रोन हमलों और 14 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम करने का दावा किया था।
हिंसा में 80 से अधिक लोगों की मौत और कई परिवारों का पलायन
जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों और सैनिकों दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकारी बलों और नेशनल रेजिस्टेंस के समर्थन से लड़ रही सेना तथा हौथी विद्रोहियों के बीच हुई इन झड़पों में मरने वालों का आंकड़ा 80 से ज्यादा पहुंच चुका है, जबकि कुछ स्थानीय अनुमानों के अनुसार यह संख्या 120 से अधिक मृतकों तक बताई जा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए चौथे सैन्य क्षेत्र और दूसरी अमलीका ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल हमदी शुक्री ने अल-मोखा पहुंचकर खुद सैन्य अभियानों की कमान संभाल ली है। इस बीच सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में लगातार संघर्ष जारी है। सरकारी सैनिकों ने जबबाल हबाशी जिले में अल-खजान पहाड़ी को सफलतापूर्वक वापस अपने कब्जे में ले लिया, वहीं हौथी लड़ाकों ने मकबना जिले के जबबाल अल-शेख सईद पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस लड़ाई के कारण आम जनता को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। यमन सरकार के विस्थापित शिविर मामलों के यूनिट ने पुष्टि की है कि मकबना और जबबाल हबाशी से कुल 917 परिवार अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं, इसके अलावा होदेइदाह के प्रभावित इलाकों से भी 57 परिवार विस्थापित हुए हैं।
रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर खतरा और राष्ट्रपति की निगरानी
यमन में चल रहे इस खूनी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है और देश की सर्वोच्च लीडरशिप ने पड़ोसी देशों के सामने गंभीर चिंता व्यक्त की है। यमन की प्रेसिडेंसी ने सीधे तौर पर हौथियाें पर आरोप लगाया है कि वे रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर कब्जा करने की फिराक में हैं। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख और सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर रशाद अल-अलीमी खुद इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस संघर्ष के दायरे में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी आ रहे हैं। हौथी बलों द्वारा अल-मोखा चौराहे के पास एक रेस्टोरेंट पर किए गए कथित बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कई आम लोग हताहत हुए हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि विद्रोहियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके।