अदन एयरपोर्ट पर हूथी हमले के बाद भी यमन एयरवेज की उड़ानें जारी रहेंगी

यमन में तनाव के बीच यमन एयरवेज ने एक बड़ा फैसला लिया है। अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमले के बावजूद एयरलाइन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी निर्धारित उड़ान सेवाओं को जारी रखेगी। हालांकि, यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयरलाइन अब विमानों के लिए सबसे सुरक्षित रास्तों का चयन करेगी ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
यह पूरा मामला 7 अक्टूबर 2026 का है, जब हूथी विद्रोहियों ने अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे और पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाते हुए दो बैलिस्टिक मिसाइलें और कई विस्फोटक ड्रोन दागे थे। इस हमले के दौरान सुरक्षा कारणों से काहिरा से आ रही यमनिया एयरवेज की फ्लाइट 603 को मोड़कर सऊदी अरब के जेद्दा एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमले की निंदा
इस हमले के बाद यमन के परिवहन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अदन पुलिस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन और नागरिक उड्डयन के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। यमन के परिवहन मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
दूसरी ओर, हूथी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि अदन एयरपोर्ट का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। सारी ने यह भी दावा किया कि उनके बलों ने सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आभा एयरपोर्ट और खमीस मुशायत, नजरान व असिर के सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने पुष्टि की है कि रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। इस पूरे संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टें डराने वाली हैं, जिसमें बताया गया है कि इस युद्ध के कारण अब तक 2 लाख से ज्यादा यमनी नागरिक विस्थापित हो चुके हैं।