यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ आम लामबंदी का ऐलान

यमन के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में यमन के रक्षा मंत्रालय और चीफ ऑफ स्टाफ ने देश में एक नए सैन्य चरण की शुरुआत करते हुए व्यापक और सामुदायिक लामबंदी अभियान का आधिकारिक ऐलान किया है। इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य सभी सैन्य बलों को एकजुट करना और हूती विद्रोहियों के खिलाफ राष्ट्रीय ऊर्जा को केंद्रित करना है।
इस नई योजना के तहत व्यावहारिक उपायों को तेजी से लागू किया जा रहा है। सैन्य तैयारियों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए विशेष रूप से स्वागत, रिकॉल और रीइन्फोर्समेंट केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से मानव संसाधन और एहतियाती उपायों को मजबूती मिलेगी।
राजधानी सना की मुक्ति तक जारी रहेंगी सैन्य कार्रवाई
यमन के रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया है कि जब तक राजधानी सना को पूरी तरह से मुक्त नहीं करा लिया जाता, तब तक सैन्य अभियान लगातार जारी रहेंगे। वहीं, चीफ ऑफ स्टाफ ने इस बात पर जोर दिया कि संघर्ष के इस संवेदनशील दौर में एक एकजुट सेना, अनुशासित नेतृत्व और समन्वित राष्ट्रीय प्रयास समय की सबसे बड़ी मांग हैं।
सऊदी अरब और गठबंधन सेना का मिला समर्थन
सैन्य नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण मोड़ पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा लगातार मिल रहे समर्थन की भी खुलकर सराहना की है। यमन की सेना और देश की वैध व्यवस्था को मजबूत करने में इस सहयोग को बेहद अहम माना जा रहा है। इस आम लामबंदी के जरिए यमन की सरकार देश में शांति बहाली और सरकारी संस्थानों पर पुनः नियंत्रण पाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रही है।