यमन संघर्ष: सशस्त्र बलों ने 22 जवानों की मौत का किया ऐलान, युद्ध तेज

यमन में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। यमन सशस्त्र बलों ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि हालिया सैन्य अभियानों और लोकप्रिय प्रतिरोध के दौरान उनके 22 सदस्य मारे गए हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब देश के कई मोर्चों पर लड़ाई काफी उग्र हो गई है और सैन्य तनाव अपने चरम पर है।
युद्ध की यह तीव्रता केवल एक तरफा नहीं है। reports के मुताबिक, मारीब में हुए भीषण टकरावों के दौरान दर्जनों हूती मिलिशिया सदस्य या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्रीय अस्थिरता और बड़े हमलों की एक कड़ी है, जिसने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
क्षेत्रीय तनाव और हवाई हमलों का सिलसिला
इस सैन्य टकराव का असर केवल यमन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। 8 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबहा एयरपोर्ट पर घातक हमले किए गए, जिनकी जिम्मेदारी हूती मिलिशिया ने ली है। इन हमलों में एक सऊदी पायलट सहित तीन लोगों की जान चली गई और 36 अन्य घायल हुए। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और सना में स्थित लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सा्री का दावा है कि सऊदी बलों ने सना और 10 अन्य प्रांतों में 59 हवाई और मिसाइल हमले किए, जिससे ताइज और इब्ब जैसे इलाकों में आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुँचा है।
यमन सशस्त्र बलों द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन यमन डॉन' के तहत रणनीतिक क्षेत्रों को वापस पाने की कोशिशें जारी हैं, जिसमें हताहतों की संख्या काफी अधिक रही है। सैन्य आंकड़ों के अनुसार, 4 अक्टूबर को ताइज और लहज में 97 ऑपरेशनों के दौरान 260 हूती लड़ाके मारे गए, जबकि 6 अक्टूबर को ताइज में हुए हमलों में लगभग 100 हूती लड़ाकों की मौत हुई और 150 घायल हुए।
इस पूरे युद्ध का सबसे दर्दनाक पहलू आम जनता की स्थिति है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, लड़ाई के इस दौर ने अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है, जिससे एक गहरा मानवीय संकट पैदा हो गया है।