Yemen Clashes: ताइज़ में यमनी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प, कई इलाकों में तनाव

Praggya Singh sabal6 September 20262 min read25 viewsYemen
Yemen Clashes: ताइज़ में यमनी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प, कई इलाकों में तनाव

यमन के पश्चिमी इलाके में हालात एक बार फिर से काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 को ताइज़ के पश्चिम में स्थित अल-कधा फ्रंट के पास जबाल अल-कौरा पोजीशन पर यमनी सशस्त्र बलों और हूती मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। इस बात की आधिकारिक घोषणा खुद यमनी सेना की तरफ से की गई है। सेना का कहना है कि इस दौरान सरकारी सैनिकों ने हूती लड़ाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है और उनके ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

अल-कधा और मक्बानह क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई जारी

यमन की सेना इस समय अल-कधा और मक्बानह क्षेत्रों में हूती ठिकानों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई कर रही है। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई यह ताजा हिंसा 4 सितंबर 2026 से भड़की है, जब इलाके में कुछ समय के लिए शांति बनी हुई थी। हिंसा के इस नए दौर के शुरू होने के बाद से दोनों तरफ के 120 से ज्यादा लड़ाके मारे जा चुके हैं। इस तीखे संघर्ष से पहले सरकारी बलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जबाल हबाशी जिले में तब्बत अल-खजान और अल हुदैदाह प्रांत के हेस जिले को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया था।

मिसाइल हमलों से आम नागरिकों और सैनिकों की मौत

इस संघर्ष के बीच आम जनता और रिहायशी इलाके भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 5 सितंबर 2026 को हूती विद्रोहियों की तरफ से कधा जिले के एक स्कूल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया, जिसमें 15 सैनिक और 3 बच्चे मारे गए। इसी दिन ताइज़ शहर में हुए एक अन्य मिसाइल हमले में 4 नागरिकों की मौत हो गई और 9 अन्य लोग घायल हो गए। इन लगातार हमलों के कारण ताइज़ और होदेइदाह प्रांतों के दर्जनों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अल-कधा फ्रंट रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ताइज़ और मोखा शहरों को आपस में जोड़ने का मुख्य जरिया है।

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