तइज़ में हूती मिलिशिया ने दागे जहरीली गैस के गोले, यमन सशस्त्र बलों ने जांच की मांग की
यमन सशस्त्र बलों ने तइज़ में हूती मिलिशिया द्वारा जहरीली गैस के गोले दागने का आरोप लगाया है, जिससे कई नागरिक बेहोश हो गए।

तइज़ (यमन): यमन सशस्त्र बलों ने तइज़ के मोर्चे से मिली रिपोर्टों के आधार पर एक जरूरी बयान जारी किया है। इसमें दावा किया गया है कि हूती मिलिशिया ने ऐसे गोलों का इस्तेमाल किया है जिनमें जहरीले पदार्थ होने का संदेह है। इस हमले के बाद आम नागरिकों और पॉपुलर रेजिस्टेंस के सदस्यों में दम घुटने और बेहोशी के मामले सामने आए हैं।
सशस्त्र बलों ने हूती मिलिशिया को एक आतंकवादी संगठन बताया है। सेना ने मांग की है कि इन रासायनिक एजेंटों की प्रकृति की पहचान करने और उनके प्रभाव का दस्तावेजीकरण करने के लिए तुरंत जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इन जहरीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोग और पक्ष कौन हैं।
मिलिट्री कमांड ने बताया कि यह घटना तइज़ के निवासियों के खिलाफ मिलिशिया द्वारा बढ़ाए गए हमलों के बीच हुई है। बयान के मुताबिक, इस हमले में रिहायशी इलाकों पर अंधाधुंध बमबारी और स्नाइपिंग शामिल है। इसके अलावा लाखों नागरिकों के लिए पानी, भोजन और दवा जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रोकने के लिए घेराबंदी भी की गई है।
यमन सशस्त्र बलों ने हूती मिलिशिया को चेतावनी दी है कि वे नागरिकों को निशाना बनाना और युद्ध के प्रतिबंधित तरीकों का इस्तेमाल बंद करें। सेना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों की रक्षा करना और तइज़ की घेराबंदी को तोड़ना उनका संवैधानिक दायित्व है।
सशस्त्र बलों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हूती मिलिशिया के उल्लंघन को रोकने की जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने इन घटनाओं की तत्काल जांच की मांग करते हुए इन्हें संभावित युद्ध अपराध करार दिया है। सेना ने अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर सड़कों को दोबारा खोलने और मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग की है और कहा है कि इन हमलों के लिए जिम्मेदार नेताओं और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।