यमन में भारी जंग और तनाव के बीच सेना ने जारी किया अलर्ट, इन रास्तों पर जाने से मना किया.

यमन में चल रही भारी सैन्य हलचल और झड़पों के बीच देश की सेना ने एक जरूरी यात्रा चेतावनी जारी की है। 7 सितंबर 2026 को यमनी सशस्त्र बलों ने आम नागरिकों और वाहन चालकों को तुरंत प्रभाव से कई मुख्य मार्गों और यात्रा एक्सिस से दूर रहने का सख्त आदेश दिया है। यह कदम देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद उठाया गया है, क्योंकि सरकारी सैनिकों और विरोधी गुटों के बीच अल-बायदा और अल-जॉफ गवर्नरट में बड़ी सैन्य कार्रवाई चल रही है। सेना के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अल-नुजाइली ने बताया कि यह निर्देश आम लोगों को चल रही हिंसक झड़पों के खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक एहतियाती उपाय के रूप में उठाया गया है।
किन रास्तों पर लगाया गया है प्रतिबंध
सैन्य आदेश के मुताबिक जिन खास इलाकों और रास्तों पर तुरंत प्रभाव से आने-जाने पर रोक लगाई गई है, उनमें नाकिल बिन घायलां, फर्दहत नहम, अल-जॉफ जंक्शन, मदघल और हज्म अल-जॉफ के रास्ते शामिल हैं। इसके अलावा सेना ने जदाआन-सरवाह-मारिब, कनियाह-महलिया-अल-जुबाह-मारिब, अल-बतनाह-अल-जॉफ और अरहब-सुफयान-अल-जॉफ एक्सिस पर भी आवाजाही सीमित कर दी है। इन इलाकों में सुरक्षा कारणों से लोगों को न जाने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी या जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
मानवीय संकट और विस्थापन की स्थिति
यह नया सुरक्षा निर्देश एक बड़े मानवीय संकट के बीच आया है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की रिपोर्ट के अनुसार, 3 सितंबर से हिंसा बढ़ने के बाद से तािज़ और अल-होदेइदाह गवर्नरट में लगभग 18,500 लोग बेघर हो चुके हैं। इस बारे में अधिक जानकारी IOM की आधिकारिक रिपोर्ट में देखी जा सकती है। हाल ही में तािज़ क्षेत्र में हुई भीषण लड़ाइयों में 300 से अधिक लड़ाकों और नागरिकों के हताहत होने की खबर सामने आई है। एक तरफ जहां सरकारी फौजें अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों ने जॉफ और बायदा प्रांतों में कई टोही ड्रोन गिराने का दावा किया है। इन लगातार बढ़ती घटनाओं से पूरे देश में तनाव का माहौल बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोग नागरिकों की सुरक्षा और विस्थापन को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं।