यमन के सैन्य प्रवक्ता का बड़ा दावा, सऊदी अरब ने किए 760 हमले और हमलों का दिया जवाब.

यमन में चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रविवार, 20 सितंबर 2026 को यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने जानकारी दी कि जब से सैन्य अभियान तेज हुआ है, तब से सऊदी अरब ने यमन पर कुल 760 bombardments यानी बमबारी की हैं। इस बात की जानकारी IRNA News Agency के माध्यम से सामने आई है, जिसमें प्रवक्ता ने बताया कि अकेले उस दिन सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के अलग-अलग इलाकों में 26 airstrikes को अंजाम दिया था।
हवाई हमलों का पूरा विवरण और निशाना बने इलाके
प्रवक्ता याह्या सारी ने आगे विस्तार से बताया कि पिछले एक हफ्ते के दौरान ही लगभग 300 air raids किए गए थे। इन हमलों में F-15 और Typhoon विमानों का इस्तेमाल किया गया था, जिन्हें खमीस मुशायत और ताइफ एयर बेस से उड़ाया गया था। इन हवाई हमलों की वजह से यमन के कई गवर्नरते सीधे तौर पर प्रभावित हुए। जिन मुख्य इलाकों को निशाना बनाया गया उनमें Taiz, Hajjah, Marib, Al-Jawf, Al-Bayda, Amran, Al-Hudaydah और Saada शामिल हैं। इन हमलों से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
यमन की जवाबी कार्रवाई और मिसाइल हमले
सऊदी अरब की तरफ से सना को निशाना बनाने की कोशिशों के जवाब में, यमन की सशस्त्र सेना ने भी कड़ा कदम उठाया। प्रवक्ता ने घोषणा की कि उन्होंने दो जवाबी सैन्य अभियानों को अंजाम दिया। इन ऑपरेशंस में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। इन हमलों का निशाना रियाद में मौजूद संवेदनशील स्थान और यानबू में स्थित एक Aramco सुविधा थी। हालांकि, प्रवक्ता ने उन सऊदी मीडिया दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि हूथी ताकतें आम नागरिकों को निशाना बना रही हैं।
सऊदी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्होंने रियाद की तरफ आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लिया। इसके अलावा, उन्होंने यानबू, ताइफ, बयश और फरसान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को नाकाम करने की पुष्टि भी की। इसी बीच, यमन के विदेश मामलों के मंत्रालय ने एक बयान जारी करके सऊदी शहरों पर हुए हूथी हमलों की निंदा की और विद्रोहियों के खिलाफ रियाद के रक्षात्मक उपायों का समर्थन किया। अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीयक्षकों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे यमन भर में रडार और दूरसंचार प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले जारी हैं, सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूथी ताकतों के बीच संघर्ष के तेजी से बढ़ने की आशंका बनी हुई है।