यमन सेना ने ताइज के नागरिकों को दी सैन्य मार्गों से दूर रहने की चेतावनी

यमन में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हाल ही में यमन के सशस्त्र बलों ने ताइज प्रांत के नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी और गंभीर चेतावनी जारी की है। सेना ने लोगों से साफ कहा है कि वे उन सभी रास्तों और सड़कों से पूरी तरह दूर रहें, जिनका इस्तेमाल होती विद्रोही अपने सैन्य मूवमेंट और साजो-सामान की सप्लाई के लिए कर रहे हैं। यह चेतावनी तब आई है जब क्षेत्र में हिंसा और हमलों का दौर तेजी से बढ़ गया है।
अस्पष्ट संघर्ष और हवाई हमलों का दौर
सैन्य कमान ने स्पष्ट किया है कि होती बलों द्वारा कब्जा किए गए और सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हर ठिकाने को वैध निशाना माना जाएगा। सेना का दावा है कि ये तमाम सैन्य कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के दायरे में रहकर की जा रही हैं। ताइज में यह सैन्य टकराव अक्टूबर के पहले हफ्ते में अचानक बेहद तीव्र हो गया, जब दोनों पक्षों के बीच भीषण झड़पें हुईं। सऊदी नीत गठबंधन ने कई जिलों में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिनमें होती विद्रोहियों के हथियार डिपो, कमांड सेंटर और बख्तरबंद गाड़ियां निशाने पर थीं।
सरकारी बलों का कड़ा रुख और विस्थापितों की मुश्किलें
सरकारी बलों ने विद्रोहियों के एक बड़े हमले को नाकाम करने का दावा किया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी हुई। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने सरकारी सैनिकों की सराहना करते हुए उन्हें सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अप्रैल 2022 में हुए संघर्षविराम के खत्म होने के बाद से इस क्षेत्र में यह सबसे बड़ा सैन्य तनाव देखा जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने इस बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस ताज़ा सैन्य आक्रामक रुख से आम नागरिकों की जान को भारी खतरा पैदा हो गया है। बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान और सड़कों के बंद होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। चूंकि ताइज यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और यहां बड़ी संख्या में विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं, इसलिए आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और भी ज्यादा बढ़ गई हैं।