Yemen: यमनी सेना का बड़ा दावा, लाल सागर तट के 5,400 वर्ग किलोमीटर इलाके पर किया कब्जा

Sushma Kumari12 September 20263 min read22 viewsYemen
Yemen: यमनी सेना का बड़ा दावा, लाल सागर तट के 5,400 वर्ग किलोमीटर इलाके पर किया कब्जा

यमन में सऊदी अरब के खिलाफ सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यमनी सेना के प्रवक्ता ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सेना ने लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान सैकड़ों सऊदी समर्थित लड़ाकों के मारे जाने और घायल होने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं।

यमनी सेना ने छह जिलों पर किया नियंत्रण

सना से मिली जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर को यमनी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने एक बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि यमनी सेना ने हुदैदाह और ताइज़ प्रांतों में लगभग 5,400 वर्ग किलोमीटर के विशाल इलाके पर कब्जा कर लिया है। उनके मुताबिक, सेना और पॉपुलर कमेटियों से जुड़े लड़ाकों ने इन दोनों प्रांतों के कुल छह जिलों से सऊदी समर्थित बलों को पूरी तरह से खदेड़ दिया है। इस बड़े सैन्य अभियान के दौरान सऊदी समर्थित लड़ाकों की सात डिवीजनों और 38 ब्रिगेड को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इस भारी संघर्ष में सैकड़ों लड़ाके या तो मारे गए या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अलावा, कई अन्य लड़ाकों को हिरासत में भी लिया गया है। सैन्य बलों ने उन कई कैदियों को भी मुक्त कराने का दावा किया है, जिन्हें कथित तौर पर सऊदी समर्थित बलों द्वारा संचालित हिरासत केंद्रों में रखा गया था। हालांकि, इन सभी दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस तरह के बड़े बयानों से क्षेत्र में तनाव का माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।

हवाई हमलों और नौसैनिक नीति पर बड़ा बयान

ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने यह भी दावा किया कि उनकी वायु रक्षा इकाइयों ने कुल 32 अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान उन्होंने सऊदी विमानों की घुस घुसपैठ को सफलतापूर्वक रोका और उनके नौ विमानों को हवा में ही मार गिराया। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सेना अब बाब अल-मंदाब की ओर बढ़ेगी और सऊदी ठिकानों के खिलाफ अपने हमलों को और ज्यादा तेज करेगी।

लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर यमनी सेना ने अपनी पुरानी नीति को दोहराया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब से आने वाले जहाजों को छोड़कर बाकी सभी जहाजों को लाल सागर से गुजरने की पूरी अनुमति दी जाएगी। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को 'घेराबंदी के बदले घेराबंदी' की नीति बताया है। उनका कहना है कि जब तक यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक सऊदी सैन्य ठिकानों को इसी तरह निशाना बनाया जाता रहेगा। ईरान के अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी के मुताबिक यह बयान शुक्रवार को टेलीविजन पर प्रसारित किया गया था।

वर्ष 2015 से चल रहा है भीषण संघर्ष

आपको बता दें कि यमन में यह खूनी संघर्ष वर्ष 2015 में उस समय बहुत ज्यादा तेज हो गया था, जब सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इस लंबे और विनाशकारी संघर्ष में अब तक बहुत बड़ी संख्या में आम लोगों की जान जा चुकी है। इस जंग की वजह से पूरा देश एक गंभीर मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है, जहां आम नागरिकों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हुदैदाह और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य का यह पूरा इलाका रणनीतिक रूप से दुनिया भर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र लाल सागर के रास्ते होने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के प्रमुख मार्गों में से एक माना जाता है। ऐसे में यहाँ लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव और इस तरह के बड़े दावे आने वाले दिनों में व्यापारिक जहाजों और क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment