यमन हूती हमले: ऑपरेशन यमन डॉन में सेना की सटीक कार्रवाई

यमन: यमन की सेना ने 10 अक्टूबर 2026 को हूती नियंत्रण वाले इलाकों के भीतर अहम ठिकानों पर सटीक सैन्य हमलों की पुष्टि की है। यह कार्रवाई "ऑपरेशन यमन डॉन" का हिस्सा है, जो 5 अक्टूबर को शुरू हुआ था। इसका मकसद राजधानी सना पर दोबारा नियंत्रण पाना और सरकारी संस्थाओं को फिर से खड़ा करना बताया गया है।
इस अभियान की शुरुआत प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशद अल-अलीमी की ओर से हुई थी। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नधीब के मुताबिक, 9 अक्टूबर को खत्म हुए 24 घंटों में 2,750 से ज़्यादा हमले किए गए, और इनमें 1,400 से अधिक हूती लड़ाके बेअसर किए गए। निशाने पर किलेबंदी, रक्षा चौकियां, टोह लेने वाली पोस्ट, तोपखाना, हथियारों के गोदाम और सप्लाई केंद्र रहे।
ज़मीन पर भी दबाव, गठबंधन की अलग कार्रवाई
हवाई हमलों के साथ सरकारी ज़मीनी सेना ने भी हूती रक्षा पंक्तियों को तोड़ने का दावा किया है, ताकि रणनीतिक ठिकानों पर कब्ज़ा किया जा सके। उधर सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने 10 अक्टूबर को बताया कि गठबंधन ने 130 से ज़्यादा हूती ठिकाने तबाह किए। यह ताज़ा कार्रवाई 5 अक्टूबर को हुए 100 लड़ाकू विमानों के हमले के बाद हुई, जिसमें 324 ठिकाने निशाने बने थे।
दूसरी तरफ हूती समर्थक अल-मसीरा टीवी ने दावा किया है कि गठबंधन के हमले बाब अल-मंदेब इलाके में हुए। हूती प्रवक्ता याहिया सरी का कहना है कि उनकी सेनाओं ने आसपास जमा हुई सरकारी फौज को पीछे खदेड़ा।
इन झड़पों में पिछले 24 घंटों में कम से कम 63 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 35 सरकारी सैनिक और 28 हूती लड़ाके शामिल हैं। यह संघर्ष 8 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमले के बाद और गहरा गया, जिसमें तीन लोगों की जान गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफ़ेन डुजारिक ने आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा खत्म करने की अपील की है। अमेरिकी दूतावास ने भी यमन में सऊदी अरब और यमन के साथ खड़े रहने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक 10 अक्टूबर तक विस्थापितों की संख्या 2 लाख से ऊपर पहुँच चुकी है। आगे के हालात पर सबकी नज़र बनी हुई है।