'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन: यमनी सेना ने 340 हूती लड़ाकों को किया ढेर, भारी सैन्य नुकसान
यमन सशस्त्र बलों ने 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन में 340 हूती लड़ाकों को ढेर किया और कई सैन्य वाहनों को तबाह किया।

यमन: यमन सशस्त्र बलों ने अपने बड़े सैन्य अभियान 'डॉन ऑफ यमन' के तहत हूती विद्रोहियों को करारी शिकस्त दी है। 4 नवंबर, 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने अलग-अलग 1,322 टारगेटेड ऑपरेशन्स चलाकर करीब 340 हूती लड़ाकों और उनके कमांडरों को ढेर कर दिया है।
इस सैन्य कार्रवाई में केवल जनहानि ही नहीं, बल्कि हूती मिलिशिया के हथियारों को भी भारी चोट पहुंची है। सरकारी बलों ने 114 सैन्य वाहनों, हथियार प्रणालियों और भारी उपकरणों को पूरी तरह नष्ट या बेकार कर दिया है।
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल स्टाफ माजेद अल-नुज़ैली ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और सैनिकों का मनोबल बहुत ऊंचा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध क्षेत्रों में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए कड़े एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।
मैदानी रिपोर्टों के अनुसार, अल-जौफ गवर्नर क्षेत्र में पहली और तीसरी इमरजेंसी डिवीजन ने हूती कब्जे वाले इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है। इसमें मुख्य रूप से उम्म लफीफा, कुरून अल-सुबैर और दहिधा अल-अकर क्षेत्र शामिल हैं।
दहिधा पर्वत श्रृंखला के किलों पर हमले के दौरान जमीनी सेना को लड़ाकू विमानों और मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का पूरा समर्थन मिला। वहीं, ताइज़ गवर्नर क्षेत्र में सरकारी बलों और लोकप्रिय प्रतिरोध के लड़ाकों ने हूतियों की जमीन वापस पाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया, जिससे विद्रोहियों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ा।
तनाव के इस माहौल के बीच मिली जानकारी के अनुसार, हूती मिलिशिया ने पिछले 48 घंटों में कम से कम 81 लड़ाकों के जनाजे निकाले हैं, जिनमें 31 फील्ड कमांडर शामिल थे।
दूसरी तरफ, हूती स्रोतों ने मीडिया बयानों के जरिए दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के कई ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इनमें अल-काहमा प्रायद्वीप में एक रडार सुविधा, नज़रान में आकिफा कैंप और जिज़ान में बॉर्डर गार्ड मुख्यालय शामिल हैं।