अल जौफ में यमन सेना का हूतियों पर बड़ा हमला, भारी तबाही
यमन की सेना ने 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत अल जौफ में हूती ठिकानों पर हवाई और जमीनी हमले किए हैं।

अल जौफ: यमनी सशस्त्र बलों ने 30 अक्टूबर 2026 को पूर्वी अल जौफ प्रांत में हूती मिलिशिया के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर समन्वित जमीनी और हवाई हमले किए हैं। 'डॉन ऑफ यमन' सैन्य अभियान के तहत चलाए गए इस ऑपरेशन में अल-हज़म के पूर्व में स्थित अल-धहेज़ा और अल-शाहला पहाड़ियों के पास भीषण लड़ाई हुई।
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में युद्धक विमानों और मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) के जरिए सटीक प्रहार किए गए। सैन्य कार्रवाई में हूतियों के कई लड़ाकों को ढेर कर दिया गया और उनके युद्ध उपकरणों को नष्ट कर दिया गया।
सेना ने मुख्य रूप से हूतियों के ठिकानों, हथियारों के भंडारण केंद्रों और किलेबंदी को निशाना बनाया। इसके अलावा, उन लॉन्च प्लेटफार्मों को भी तबाह कर दिया गया जिनका इस्तेमाल मिलिशिया द्वारा सरकारी बलों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर मिसाइल व ड्रोन दागने के लिए किया जा रहा था।
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत कुल 1,087 लक्ष्यीकरण अभियान चलाए गए। उन्होंने कहा कि फील्ड आर्टिलरी, रॉकेट लॉन्चर और हवाई शक्ति का उपयोग कर अल जौफ, मारिब और अल-बयदा मोर्चों पर कमांड केंद्रों, सुदृढ़ीकरण मार्गों और फायरिंग पोजीशन पर हमले किए गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अभियान में 336 हूती कर्मी मारे गए हैं और 112 सैन्य वाहनों सहित भारी हथियार प्रणालियों को नष्ट किया गया है। यमनी सेना ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पालन और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
दूसरी ओर, हूती समर्थित अल-मसिराह टेलीविजन ने दावा किया है कि उसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाइयों में तइज़ और इब्ब प्रांतों में नागरिक हताहत हुए हैं। साथ ही, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 30 अक्टूबर को रियाद, मक्का और दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागे गए शत्रुतापूर्ण ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोकने की जानकारी दी है।