यमन सेना का हूती ठिकानों पर बड़ा हमला, कई मोर्चों पर जंग तेज़

येमेन: यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपने अभियान को नए स्तर पर ले जाने का दावा किया है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नाधिब के मुताबिक, 9 अक्टूबर की सुबह तक खत्म हुए 24 घंटों में सरकारी बलों ने 2,750 से ज़्यादा हमले किए। इन हमलों का निशाना हूती की रक्षात्मक चौकियां, तोपखाना, निगरानी ठिकाने, सप्लाई केंद्र और नई तैनाती बताए गए हैं।
सेना का कहना है कि पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी मोर्चों पर हथियारों और गोला-बारूद के भंडार, शिविरों और किलेबंदी को खास तौर पर तबाह किया जा रहा है। युद्ध क्षेत्र के आकलन के आधार पर बताया गया है कि 1,400 से ज़्यादा हूती लड़ाके बेअसर किए गए, जबकि 250 से अधिक सैन्य उपकरण और गाड़ियां नुकसान में आईं या नष्ट हो गईं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
ऑपरेशन 'दॉन ऑफ यमन' का मकसद क्या है
यह पूरी कार्रवाई 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने शुरू किया है। इसका घोषित लक्ष्य राजधानी सना को हूती नियंत्रण से मुक्त कराना और देश की सरकारी संस्थाओं को फिर से खड़ा करना है। सरकारी पक्ष का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक शहर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में सरकार की वापसी के लिए है।
इस अभियान को सऊदी अरब की अगुवाई वाले 'लेजिटिमेसी सपोर्ट कोएलिशन' से हवाई मदद मिल रही है। गठबंधन ने शुक्रवार रात एक बड़े अभियान की घोषणा की, जिसमें हूती नियंत्रित इलाकों में 136 सैन्य ठिकाने तबाह करने का दावा किया गया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माликि के अनुसार, इन हमलों का मकसद हूती की बैलिस्टिक मिसाइल व्यवस्था को खत्म करना है। यह कार्रवाई हाल में रियाद और अबहा हवाई अड्डों पर हुए हमलों के जवाब में बताई गई है।
ताइज़ प्रांत में भी लड़ाई थमी नहीं है। सरकारी सेना के मुताबिक उसने माउंट हान पर हूती हमले को नाकाम किया और सामे मोर्चे पर कुछ इलाके वापस ले लिए। 6 अक्टूबर को ताइज़ शहर की घेराबंदी की खबर भी इसी सिलसिले में आई है। राष्ट्रपति परिषद के सदस्य अब्दुल रहमान सालेह अल-महरामी ने गठबंधन के समर्थन की सराहना की और विद्रोहियों पर दबाव बनाए रखने की अपील की।
दूसरी तरफ हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याहया सरीई ने अल मसीरा टीवी के जरिए पलटवार किया है। उनका दावा है कि इसी दौरान सऊदी बलों ने 77 हवाई हमले किए, जिनमें नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ऐसे दावे करते रहे हैं।
इस बीच हूती प्रवक्ता उमर अल बुआखिती ने 8 अक्टूबर को चेतावनी जारी की कि सऊदी तेल उद्योग में काम करने वाले कर्मचारी अपनी साइटें खाली कर दें, क्योंकि भविष्य में हमले हो सकते हैं। इस चेतावनी से क्षेत्र में तेल आपूर्ति और वहां काम करने वाले विदेशी कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कुल मिलाकर यमन में टकराव अब हवाई हमलों, जमीनी लड़ाई और सीमा पार धमकियों, तीनों मोर्चों पर एक साथ चल रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकारी सेना सना की ओर कितनी बढ़त बना पाती है और हूती जवाब में कहां तक जाते हैं।