यमन सेना का बड़ा एक्शन: हुथी मिलिशिया पर 2,103 टारगेटेड हमले, 1,860 लड़ाके ढेर

यमन में संघर्ष एक बार फिर चरम पर है। यमन सशस्त्र बलों ने हुथी मिलिशिया के खिलाफ एक व्यापक सैन्य अभियान छेड़ दिया है, जिसे 'ऑपरेशन यमन डॉन' नाम दिया गया है। सेना के प्रवक्ता ने बुधवार को जानकारी दी कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक 2,103 सटीक हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों का मकसद हुथी विद्रोहियों की पकड़ को कमजोर करना और देश के सरकारी संस्थानों को फिर से बहाल करना है।
यह अभियान 5 अक्टूबर 2026 को शुरू किया गया था। सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, इन भीषण हमलों में हुथी मिलिशिया के लगभग 1,860 लड़ाके मारे गए हैं। इसके अलावा, सेना ने विद्रोहियों के सैकड़ों सैन्य उपकरणों, ठिकानों और सप्लाई लाइनों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि यमन के विभिन्न मोर्चों पर हुथी नियंत्रण को खत्म करने की एक बड़ी कोशिश है।
सना की वापसी और रणनीतिक बढ़त
प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने इस ऑपरेशन की प्रगति पर भरोसा जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुहिम का अंतिम लक्ष्य यमन के कब्जे वाले इलाकों को आजाद कराना और राजधानी सना पर दोबारा नियंत्रण पाना है। रक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग सहायक मंत्री समीर अल-हाज ने इस अभियान को 'मुक्ति की लड़ाई' करार दिया है, जो मिलिशिया के शासन को खत्म करने के लिए अनिवार्य है।
जमीनी स्तर पर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से यमन सेना ने महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। विशेष रूप से बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य की निगरानी करने वाले कहबूब फ्रंट को सुरक्षित कर लिया गया है। साथ ही, अदन-मोखा तटीय सड़क पर भी सरकारी बलों की मौजूदगी बढ़ गई है।
हालांकि, हुथी मिलिशिया भी चुप नहीं बैठी है। उसने अदन और सऊदी अरब के सैन्य व नागरिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं। सऊदी गठबंधन ने रियाद और खामिस मुशैत की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। दूसरी ओर, हुथी समर्थित मीडिया का दावा है कि गठबंधन के हवाई हमले सना, ताइज, सादा, अल जौफ, मारिब और अमरान जैसे शहरों में लगातार जारी हैं।