यमन सेना ने ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन के तहत 780 हमले किए और 512 हूती लड़ाकों को मार गिराया
यमन सेना ने ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन के तहत हूती मिलिशिया के खिलाफ बड़ा हमला किया, जिसमें 512 लड़ाके मारे गए और कई सैन्य वाहन नष्ट हुए।

सना: यमन की सेना ने हूती मिलिशिया के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। सेना ने बताया कि उन्होंने कुल 780 टारगेटेड ऑपरेशन चलाए, जिनमें 512 हूती लड़ाकों और कमांडरों को ढेर कर दिया गया।
इस सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' नाम दिया गया है। सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नुजायली ने जानकारी दी कि इन हमलों में 330 से ज्यादा सैन्य वाहन, सैनिकों को ले जाने वाले ट्रांसपोर्ट और अन्य सैन्य संपत्तियां या तो पूरी तरह नष्ट हो गईं या बेकार कर दी गईं।
कर्नल अल-नुजायली के मुताबिक, ये हमले उत्तरी मोर्चों, अल-जौफ, पश्चिमी मारिब, अल-बयदा और दक्षिणी व पश्चिमी क्षेत्रों में किए गए। इनका मुख्य निशाना हूती सैनिकों का जमावड़ा, उनकी भारी हथियार और सप्लाई रूट थे।
यमन के सरकारी टेलीविजन ने भी ताइज़ में मिसाइल लॉन्चर, रडार सिस्टम और हथियारों के डिपो पर हवाई हमले किए जाने की पुष्टि की है। कर्नल अल-नुजायली ने कहा कि यमन की सेना नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करते हुए हूती ठिकानों को निशाना बनाती रहेगी।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने दावा किया है कि पिछले 48 घंटों में उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ चार अलग-अलग ऑपरेशन चलाए। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय, दम्माम में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यनबू में अरामको सुविधाओं और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया।
हूती प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि दम्माम एयरपोर्ट पर कामकाज बाधित हुआ और यनबू की सुविधा में आग लग गई। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि रियाद, मदीना और पूर्वी प्रांत के ऊपर केवल ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है।
यूएई और कतर ने हूती मिलिशिया की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने दम्माम एयरपोर्ट को निशाना बनाने को सऊदी अरब की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।