यमन सेना ने डॉन ऑफ यमन अभियान के तहत हूती बलों के खिलाफ 24 घंटे में 780 सैन्य ऑपरेशन किए
यमन सेना ने 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत हूती बलों पर बड़े हमले किए हैं, जबकि हूतियों ने हवाई अड्डों को निशाना बनाया।

सना: यमन की सेना ने हूती बलों के खिलाफ चलाए जा रहे 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में 780 सैन्य ऑपरेशन किए हैं। यह अभियान 5 अक्टूबर 2026 से शुरू किया गया था।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नुज़यली ने 22 अक्टूबर 2026 को इन गतिविधियों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इन ऑपरेशनों में अल-जौफ, पश्चिमी मारिब, अल-बयदा और ताइज प्रांतों के मोर्चों पर हूती लड़ाकों, फील्ड कमांडरों, सैनिकों के जमावड़े, कुमुक और भारी हथियारों को निशाना बनाया गया है।
सेना के प्रवक्ता के बयानों में आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक विवरण के अनुसार 835 हमले किए गए, जिसमें 512 लड़ाकों को खत्म किया गया और 330 वाहन नष्ट हुए। वहीं दूसरे विवरण में 285 लड़ाकों के मारे जाने और 190 वाहनों व ड्रोन्स के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। अधिकारियों ने दावा किया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए ये हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के दायरे में किए गए हैं।
इस सैन्य अभियान को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है। इसी बीच ब्रिटेन सरकार ने 20 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि उसने हूती ड्रोन्स और मिसाइल खतरों से बचाव के लिए सऊदी अरब में आरएएफ टाइफून विमान तैनात किए हैं।
बढ़ती जंग की वजह से मानवीय संकट गहरा गया है, खासकर ताइज प्रांत में अगस्त से अब तक करीब 2.60 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने अगस्त से अब तक 251 नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है, जिनमें 57 मौतें हुई हैं। मरने वालों में आधे बच्चे थे और 194 लोग घायल हुए हैं।
22 अक्टूबर 2026 को हिंसा और बढ़ गई जब हूती बलों ने अदन हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हूतियों ने बद्र कैंप में सऊदी सैन्य ऑपरेशंस रूम पर हमले की जिम्मेदारी भी ली है। इसके अलावा, दम्माम के किंग फहद हवाई अड्डे पर हूती मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए हैं।