यमन में भड़का सैन्य संघर्ष, एक दिन में 1540 हूती लड़ाके हताहत

यमन में चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेना ने एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान 1,540 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने या घायल होने का दावा किया है। पिछले कुछ समय से क्षेत्रीय तनाव के बीच इस तरह की हिंसक झड़पें यमन के हालात को और अधिक गंभीर बना रही हैं।
ताइज़ से लेकर साना तक भीषण हमले
सैन्य प्रवक्ता मेजर माजेद अब्दुल्ला अल-नज़ीली के अनुसार, सरकारी बलों ने पिछले 24 घंटों के दौरान दुश्मन ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस बड़े ऑपरेशन में युद्धक विमानों, ड्रोन, तोपखाने और मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। सेना ने कुल 474 से अधिक सटीक हवाई और जमीनी हमले किए।
इन हमलों का सबसे बड़ा केंद्र ताइज़ मोर्चा रहा, जहां सबसे ज्यादा जानी नुकसान की खबर है। सरकारी बलों ने इस दौरान हूती गुट के 216 सैन्य वाहनों और उपकरणों को भी नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा, राजधानी साना में महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और सादा प्रांत में कई अहम लक्ष्यों को भी निशाना बनाया गया। सेना ने जबल हान, हदहरान और ताइज़ शहर के पश्चिमी इलाकों में हूती घुसपैठ की कोशिशों को भी पूरी तरह नाकाम कर दिया।
गंभीर होता मानवीय संकट और विस्थापन
वर्ष 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र समर्थित संघर्षविराम के टूटने के बाद से यह संघर्ष अब तक के सबसे भीषण दौर में पहुंच गया है। लगातार जारी इस हिंसा के कारण जुलाई महीने से लेकर अब तक लगभग 1,98,000 आम लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकार ने हूती-नियंत्रण क्षेत्रों और ताइज़ के बीच आने-जाने वाले अल-हौबान क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
संघर्ष की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ताइज़ में हुई झड़पों के दौरान आंतरिक मंत्रालय के आपातकालीन बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद सालेम अल-खवलानी भी मारे गए। इसके साथ ही, मानवाधिकार मंत्रालय ने सितंबर माह के दौरान कम से कम 100 बाल सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की है।
पड़ोसी देशों तक पहुंचा तनाव
यमन के भीतर सुलग रही इस आग की लपटें पड़ोसी देशों तक भी पहुंच रही हैं। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हाल ही में रोकी गई एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे से सऊदी अरब के अहद रुफायदा में एक एशियाई नागरिक घायल हो गया, जबकि एक अन्य प्रोजेक्टाइल नज्रान के एक स्कूल पर जा गिरा। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और हूती अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।