मारिब में हूती ठिकानों पर यमनी सेना के 181 हमले

मारिब, यमन: यमनी सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में हूती ठिकानों पर 181 सैन्य अभियान चलाए। मारिब प्रांत में मin हुए इन हमलों में हूती लड़ाकों के मारे जाने और घायल होने की बात कही गई है। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत हो रही है, जिसका मकसद हूती नियंत्रण वाले इलाकों को वापस लेना है।
सेना के अनुसार निशाने पर हूती बैरक, हथियारों के भंडार और तोपखाने की स्थितियां रहीं। इन हमलों में कई लड़ाकू वाहन नष्ट हुए और तोपखाने के दल बेअसर किए गए। यह ऐसे समय में हुआ है जब इलाके में लड़ाई पहले से काफी तेज़ हो चुकी है।
पिछले दिनों में बढ़ा तनाव
इससे एक दिन पहले, 10 अक्टूबर 2026 को, सरकारी बलों ने बताया था कि उन्होंने पिछले एक दिन में 1,400 से ज़्यादा हूती लड़ाकों को बेअसर किया और 250 से अधिक सैन्य वाहन व उपकरण नष्ट या निष्क्रिय किए। ब्रिगेडियर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नधीब ने कहा कि इस दौरान सरकारी बलों ने हूती किलेबंदी और कुमुक भेजने वाले ठिकानों पर 2,750 से ज़्यादा हमले किए।
उसी दौरान सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने भी हवाई कार्रवाई की जानकारी दी। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने 136 और सैन्य ठिकानों के नष्ट होने की बात कही। गठबंधन का कहना है कि उसका हवाई समर्थन ज़मीनी अभियान को सीधा सहारा दे रहा है।
यह अभियान राष्ट्रपति परिषद के अध्यक्ष रशद अल-अलीमी ने 5 अक्टूबर 2026 को शुरू किया था। सरकार का लक्ष्य हूती कब्ज़े वाले इलाकों पर फिर से नियंत्रण पाना है।
संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग ने 9 अक्टूबर को चेतावनी दी थी कि देश फिर से पूरे पैमाने के युद्ध की ओर लौट गया है। इस बीच मारिब में अमेरिकी हमलों की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें हूती मुख्यालयों को निशाना बनाने की बात कही गई है। यमन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।