यमन सेना का बड़ा एक्शन: मारिब में हुथी मिलिशिया पर भीषण आर्टिलरी हमला

यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर है। यमनी सशस्त्र बलों ने मारिब प्रांत के दक्षिणी मोर्चे पर एक बड़ा हमला बोलते हुए हुथी मिलिशिया के सैन्य वाहनों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई 'फज्र यमन' (यमन की सुबह) नामक एक व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में राज्य के अधिकार और संस्थानों को फिर से बहाल करना है।
इस ऑपरेशन की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को यमनी राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी द्वारा की गई थी। अभियान के दूसरे दिन सरकारी सेनाओं ने हुथी लड़ाकों को पीछे धकेलते हुए कई रणनीतिक स्थानों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, थमाद, अल-कायमा और अल-मुकायलाट पर्वत श्रृंखलाओं सहित आसपास के रेगिस्तानी इलाकों से हुथी मिलिशिया को खदेड़ दिया गया है।
ऑपरेशन 'फज्र यमन' में भारी नुकसान
इस भीषण मुठभेड़ में हुथी मिलिशिया को करारी शिकस्त मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, दर्जनों हुथी लड़ाके या तो मारे गए हैं, घायल हुए हैं या उन्हें पकड़ लिया गया है। हमले में कम से कम तीन सैन्य वाहन पूरी तरह तबाह हो गए। इतना ही नहीं, यमन की वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी मोर्चे पर हुथी द्वारा भेजे गए एक ड्रोन को भी हवा में ही मार गिराया।
यमन के प्रधानमंत्री शैया अल-जिंदानी ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस संघर्ष पर पैनी नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय प्रयास को सफल बनाने के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सगीर बिन अजीज ने संकल्प जताया है कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक कि सभी क्षेत्रों को पूरी तरह मुक्त नहीं करा लिया जाता।
मारिब के अलावा ताइज़ और अल-जौफ प्रांतों में भी सेना की बढ़त की खबरें आ रही हैं। इस बीच, स्थानीय कबीलाई नेताओं ने भी हुथी समूह के खिलाफ चल रहे इस अभियान में सशस्त्र बलों को एकजुट समर्थन देने की बात कही है।