ऑपरेशन यमन डॉन: सना आज़ाद होने तक नहीं रुकेगा अभियान, यमन कैबिनेट का ऐलान

यमन: यमन की कैबिनेट ने 11 अक्टूबर 2026 को साफ़ कर दिया कि 'ऑपरेशन यमन डॉन' तब तक जारी रहेगा जब तक इसके सभी सैन्य लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। सरकार का कहना है कि राजधानी सना समेत देश के बाकी हिस्सों को हूती विद्रोहियों के कब्ज़े से छुड़ाना ही इसका मकसद है।
यह अभियान 5 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति परिषद के अध्यक्ष रशद अल-अलीमी की अगुवाई में शुरू हुआ था। सरकार इसे हूती 'तख्तापलट' को खत्म करने और राज्य की संस्थाओं को फिर से खड़ा करने की लड़ाई बता रही है। इस मुहिम को सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है।
हालात तब और गंभीर हो गए जब 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला हुआ। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। इसके बाद अभियान में सख्ती बढ़ा दी गई है।
बीते 24 घंटों में क्या हुआ
यमन की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता माजिद अल-नज़ीली के मुताबिक, कैबिनेट बयान से पहले के 24 घंटों में सरकारी बलों ने 1,900 से ज़्यादा सटीक निशाना बनाने वाली कार्रवाइयाँ कीं। इनमें 1,150 से अधिक विद्रोही बेअसर किए गए, जबकि 180 से ज़्यादा गाड़ियाँ नष्ट या बेकार कर दी गईं।
संघर्ष का दायरा अब सिर्फ यमन तक सीमित नहीं दिख रहा। 5 अक्टूबर को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक रक्षा समझौता लागू हुआ, जिसके तहत ज़रूरत पड़ने पर सैन्य क्षमताएँ तुरंत सऊदी अरब भेजी जा सकती हैं। वहीं सना प्रांत के हैमतैन, बनी मतर और हराज़ जैसे कबीलों ने भी सरकारी बलों के समर्थन में लामबंदी शुरू कर दी है।
ईरान ने इलाके में अस्थिरता को लेकर चेतावनी दी है। दूसरी तरफ अमेरिका गठबंधन के हवाई हमलों में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहा है। सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने निर्णायक जवाब देने का वादा किया है और इसके लिए लगातार हवाई सहायता के तौर पर 100 लड़ाकू विमान तैनात हैं।