यमन सरकार का बड़ा कदम, ईरान के सभी सामानों और उत्पादों पर लगाया पूरा बैन.

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। यमन सेंट्रल बैंक ने अपने नियंत्रण वाले सभी इलाकों में ईरानी सामानों और उत्पादों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह नया नियम रविवार, 13 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर लागू किया गया, जिससे साफ होता है कि सरकार अब देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। इस पाबंदी के बाद अब यमन के बाजारों में ईरान से आने वाला कोई भी उत्पाद नहीं बिकेगा और न ही उसकी आवाजाही हो सकेगी।
राष्ट्रीय समिति की बैठक में हुआ फैसला
यह महत्वपूर्ण फैसला नेशनल कमेटी फॉर रेगुलेटिंग एंड फाइनेंसिंग इम्पोर्ट्स की एक अहम बैठक में लिया गया। इस नियामक निकाय की अध्यक्षता सेंट्रल बैंक के गवर्नर अहमद गालिब करते हैं। समिति ने साफ किया कि देशहित और उच्च राष्ट्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही इस प्रतिबंध को लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद सभी संबंधित सरकारी विभागों और अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे मौजूदा कानूनों के तहत इस बैन का सख्ती से पालन कराएं, ताकि नियमों की अनदेखी करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सरकारी समाचार एजेंसी सबा (Saba) के माध्यम से इस बात की आधिकारिक जानकारी आम जनता तक पहुंचाई गई है।
ईरान और यमन सरकार के बीच पुराना विवाद
यमन सरकार और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है और दोनों पक्षों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने कई मौकों पर ईरान पर खुलेआम आरोप लगाया है कि वह हूती विद्रोहियों को मिलिट्री और फाइनेंशियल सपोर्ट दे रहा है, जिससे देश में अशांति फैल रही है। इस ताजा प्रतिबंध को इसी चल रहे तनाव और सुरक्षा चिंताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने अभी तक उन सभी विशिष्ट उत्पादों की कोई लंबी सूची जारी नहीं की है जिन पर यह रोक लगाई गई है और न ही यह बताया है कि यह बैन पूरी तरह से जमीन पर कब से लागू होगा, लेकिन आदेश के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं।