Yemen Crisis: यमन में फिर भड़की हिंसा, 500 से ज्यादा सैनिकों की मौत और हजारों लोग बेघर.

यमन के पश्चिमी तट पर चल रही भीषण झड़पों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हिंसा काफी ज्यादा बढ़ गई है। सरकार समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि हूती विद्रोहियों के साथ हुई खूनी झड़पों में उनके 500 से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं। यह आंकड़े 9 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच के चार हफ्तों के दौरान सामने आए हैं, जिससे साफ पता चलता है कि यमन के हालात कितने ज्यादा बिगड़ चुके हैं। इस संघर्ष के बीच आम जनता और सैनिकों दोनों को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
झड़पों में हजारों लोग घायल और विस्थापित
सरकारी बलों के अनुसार, इस संघर्ष के दौरान लगभग 1,500 सरकारी लड़ाकू जवान घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर चल रहा है। इसके साथ ही सेना का यह भी दावा है कि ताएज और होदेइदा प्रांतों में हुई जवाबी कार्रवाई में 1,000 से ज्यादा हूती उग्रवादी भी मारे गए हैं। संघर्ष के इन भयानक हालातों की वजह से आम नागरिकों को अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ रहा है। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक 85,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं और सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। इस संकट की पूरी जानकारी IOM Official Website पर भी साझा की गई है।
नेताओं के कड़े बयान और रणनीतिक खामियां
नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस के कमांडर और दिवंगत राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के भतीजे तारिक सालेह ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान समर्थित ताकतों से य पूरी तरह से आजाद नहीं हो जाता, तब तक उनका यह सैन्य अभियान जारी रहेगा। वहीं दूसरी तरफ, सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त को बहुत दर्दनाक और अफसोसजनक बताया है। इसके अलावा, एक अन्य सैन्य अधिकारी ने यमन की सेना और सहयोगी मिलिशिया के बीच तालमेल की कमी को भी हूती आगे बढ़ने की एक बड़ी वजह माना है, जिससे सरकार को रणनीतिक मोर्चे पर झटका लगा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
शुक्रवार, 13 सितंबर 2026 तक हूती बलों ने मोखा बंदरगाह शहर, धुबाब शहर और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया, जिससे बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास मौजूद अहम शिपिंग लेन पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। इन हमलों के जवाब में यमन की सरकारी सेना ने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को मोखा और रविवार को ताएज में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याहिया सरे ने दावा किया कि सउदी विमानों ने 48 घंटों में उनके इलाके पर 129 हवाई हमले किए। इसके साथ ही सउदी अरब के शरूराह प्रांत स्थित सैन्य बेस पर ड्रोन और मिसाइल दागे जाने की भी बात कही गई है। सउदी सिविल डिफेंस के अधिकारियों ने बताया कि एक गोला अल-तावल गवर्नरate में गिरा, जिससे दो लोग घायल हो गए और एक मस्जिद को नुकसान पहुंचा। यूरोपीय संघ ने भी 11 सितंबर को सउदी अरब पर हुए उन हमलों की कड़ी निंदा की जिनमें 73 नागरिक घायल हुए थे और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया।