Yemen में भड़की भारी हिंसा, अल-बायदा में सरकारी सेना और हूति विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष में 300 से ज्यादा लोगों की मौत.

यमन के अल-बायदा गवर्नरट में सरकारी सशस्त्र बलों और हूति मिलिशिया के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं, जिससे वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण बन गया है। इस संघर्ष में पिछले कुछ दिनों के दौरान 300 से अधिक लड़ाकों और नागरिकों की जान जा चुकी है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यमन के सशस्त्र बल मीडिया सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार के लड़ाकू विमानों ने सोमवार 7 सितंबर 2026 को हूति ठिकानों, सैन्य वाहनों और सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाते हुए कुल 13 हवाई हमले किए। इन हमलों में विशेष रूप से अल-शरिया, धी नाइम और अस-सावादिया जिलों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां एक रॉकेट लॉन्च प्लेटफॉर्म को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा सरकारी बलों ने अल-बायदा के अल-जाहिर जिले के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी अपना नियंत्रण सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।
हिंसा के बढ़ने की मुख्य वजह
यमन में पिछले गुरुवार 4 सितंबर 2026 से नए सिरे से भीषण लड़ाई शुरू हुई थी, जिसके बाद से पूरे देश में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मौजूदा हिंसा जुलाई के महीने से चले आ रहे क्षेत्रीय तनाव का ही एक बड़ा हिस्सा है, जिसकी वजह से अप्रैल 2022 में शुरू हुआ संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाला युद्धविराम पूरी तरह से खत्म हो चुका है। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने हूति हमलों का कड़ा और निर्णायक जवाब देने की बात कही है। हूति गुट के लड़ाके इस समय अल-जावफ, मारिब, तािज़, अल-धाले और होदेइदाह सहित कई मोर्चों पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे आम जनता का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ड्रोन गिराने के दावे और क्षेत्रीय तनाव
ईरान समर्थित हूति समूह के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याहिया सरेआ ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने सोमवार को अल-बायदा के ऊपर सऊदी अरब के एक विंग लूंग II सशस्त्र टोही ड्रोन को मार गिराया है। सरेआ ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर कुल तीन सऊदी टोही ड्रोन गिराए गए हैं, जिनमें से एक ड्रोन अल-जावफ प्रांत में भी गिराया गया था। दूसरी तरफ, हूति समर्थित सबा समाचार एजेंसी ने सऊदी अरब पर अल-जावफ, अल-बायदा, मारिब और तािज़ प्रांतों पर कई हवाई हमले और क्रूज़ मिसाइल दागने का गंभीर आरोप लगाया है, हालांकि सऊदी अरब की तरफ से अभी तक इन सभी आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के एक सैन्य सूत्र ने हैस के उत्तर में अपनी स्थिति मजबूत करने की पुष्टि की है, क्योंकि हूति सेना रणनीतिक बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य से जुड़ी सीमा पर कब्जा करने के लिए लगातार हमले कर रही है।