यमन के ताइज में सरकार और हूतियों के बीच भीषण युद्ध, भारी तबाही

Nura Basta7 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन के ताइज में सरकार और हूतियों के बीच भीषण युद्ध, भारी तबाही

यमन के ताइज शहर के दक्षिण में स्थित अल-सलाउ फ्रंट पर सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच एक बार फिर खूनी संघर्ष शुरू हो गया है। 7 अक्टूबर 2026 को हुई इस भीषण झड़प ने क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। गौरतलब है कि 2022 से पिछले चार वर्षों से चल रहा युद्धविराम अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिसके बाद हिंसा में अचानक यह बड़ा उछाल देखने को मिला है।

ताइज मिलिट्री एक्सिस के मुताबिक, सरकारी बलों और स्थानीय प्रतिरोध समूहों ने मिलकर हूतियों पर जोरदार हमला बोला। इस मुठभेड़ में हूती गुट के सैनिकों और उनके हथियारों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। यह पूरी कार्रवाई 'ऑपरेशन यमन डॉन' का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस जीतना है।

कई मोर्चों पर जंग और सऊदी अरब पर हमले

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हिंसा केवल अल-सलाउ तक सीमित नहीं रही, बल्कि अल-मवासात जिले, अल-मंसुरा, अल-वाज़िया जिले के नुमान और जबल हबशी में भी भारी गोलाबारी की खबरें आई हैं। इसके अलावा, कुद्स गांव में हूतियों के वाहनों के जमावड़े को निशाना बनाने के लिए हवाई हमलों का भी सहारा लिया गया। आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों के भीतर सरकारी और हूती बलों को मिलाकर 270 से अधिक लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। एक यमनी मंत्री ने बताया कि अकेले ताइज पर हुए हमलों में 6 लोगों की मौत हुई और 18 घायल हुए हैं।

इस सैन्य दबाव के जवाब में हूती समूह ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने रियाद और अबहा के हवाई अड्डों के साथ-साथ एक अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल से हमले किए हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुष्टि की है कि उन्होंने सऊदी क्षेत्र की ओर दागी गई कम से कम एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया।

हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने सैन्य मुठभेड़ की बात स्वीकार की है, हालांकि उन्होंने इसे एक सीमित उल्लंघन बताया है। साथ ही, उन्होंने सऊदी बुनियादी ढांचे के खिलाफ और अधिक हमलों की चेतावनी भी दी है। युद्ध क्षेत्र में पत्रकारों की सीमित पहुंच के कारण इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना फिलहाल मुश्किल बना हुआ है।

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