Yemen Clashes: यमन के ताएज और हुदैदाह में भीषण झड़प, एक दिन में 60 से ज्यादा लोगों की मौत

यमन देश में हिंसा एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गई है और शनिवार, 5 सितंबर 2026 को हुई भयंकर झड़पों में 60 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। सरकारी सेना और हौथी विद्रोहियों के बीच दक्षिण-पश्चिम इलाकों में यह खूनी संघर्ष हुआ, जिससे वहां के आम लोगों की मुसीबतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र यानी UN की मदद से एक शांति समझौता हुआ था, जिसके बाद से वहां कुछ हद तक शांति बनी हुई थी, लेकिन जुलाई महीने से लगातार हालात खराब होते जा रहे हैं और अब स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
सैनिकों और नागरिकों की मौत
सैन्य और मेडिकल अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि इस भयानक लड़ाई में 26 सरकारी सैनिक और 31 हौथी विद्रोही मारे गए हैं। इसके अलावा, ताएज के पास एक भरी हुई सड़क पर हौथी गुट की तरफ से एक मिसाइल दागी गई, जिसकी चपेट में आने से कम से कम 4 नागरिकों की मौत हो गई और 9 लोग बुरी तरह घायल हो गए। एक दूसरी घटना में सरकार के कब्जे वाले ताएज शहर में बस से सफर कर रहे 6 आम नागरिक मारे गए और 7 अन्य लोग घायल हो गए। लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से आम बस्तियों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ गई है।
ताएज और हुदैदाह में सैन्य गतिविधियां
पिछले कुछ दिनों से यमन के ताएज और हुदैदाह प्रांतों में लड़ाई का केंद्र बना हुआ है। यमन की सरकारी सेना ने ताएज और लाहज प्रांत की सीमा पर स्थित हैफान फ्रंट पर अपनी पुरानी रणनीतिक जगहों को फिर से अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। साथ ही, सेना ने अल-कास्र इलाके में हौथी विद्रोहियों के हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया। इसके उलट, हौथी विद्रोहियों ने पश्चिमी ताएज में एक जरूरी सैन्य बेस पर कब्जा कर लिया। यमन की वायु सेना ने शुक्रवार को हौथी ठिकानों पर 15 हवाई हमले किए, जबकि सरकारी सैनिकों ने दक्षिणी अल-हुदैदाह के अल-जराही जिले में कई हौथी लड़ाकों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
मानवीय संकट और विस्थापन
इस अचानक भड़की हिंसा की वजह से वहां बहुत बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA ने जानकारी दी है कि 3 सितंबर से लेकर अब तक 1,790 परिवार अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो चुके हैं। ताएज के मक़बानह और जबल हबाशी जिलों में हो रही भारी गोलीबारी और बमबारी के कारण कई राहत शिविरों को खाली कराना पड़ा है, जिससे बहुत सारे परिवार सीधे युद्ध के मोर्चों पर फंस गए हैं। फोन और इंटरनेट सेवाएं ठप होने तथा जरूरी सामान की भारी कमी होने की वजह से लोगों का जीवन और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है।
हौथी राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हिजाम अल-असाद ने सऊदी अरब पर लगातार हमले जारी रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन इस तथाकथित घेराबंदी के खिलाफ अपने ऑपरेशन को और तेज करेगा और सऊदी नीты गठबंधन की तरफ से उठाए जाने वाले किसी भी कदम का बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बढ़ती जंग की वजह से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और आम लोग इस खूनी संघर्ष के बीच बुरी तरह पिस रहे हैं।