यमन में संघर्ष बढ़ने से 1677 लोगों की मौत और ताइज़ में गहराया मानवीय संकट

यमन में संघर्ष बढ़ने से 1677 लोगों की जान गई है। ताइज़ शहर में हूती नाकेबंदी के कारण लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।

Nura Basta29 October 20261 min read0 viewsYemen
यमन में संघर्ष बढ़ने से 1677 लोगों की मौत और ताइज़ में गहराया मानवीय संकट

ताइज़ (यमन): यमन में सितंबर महीने से संघर्ष तेज होने के बाद अब तक 1,677 लोगों की जान जा चुकी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने बताया कि इस दौरान 7,395 लोग घायल भी हुए हैं। डब्ल्यूएचओ की एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक संघर्ष से जुड़ी कुल हताहतों की संख्या 9,072 तक पहुंच गई है।

दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज़ में मानवीय स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि हूती विद्रोहियों की नाकेबंदी की वजह से 2,46,711 लोग जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो गए हैं। इनमें करीब 1,86,000 पांच साल से कम उम्र के बच्चे और 23,000 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।

सामाजिक मामलों और श्रम मंत्री द्वारा दिए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त से 15 अक्टूबर के बीच ताइज़ प्रांत में 1,35,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। इसी समय के दौरान 79 नागरिक मारे गए और 206 लोग घायल हुए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

विभिन्न मोर्चों पर सैन्य गतिविधियां जारी हैं। हूती संचालित अल-मसीराह टीवी ने बताया कि बुधवार को अल-जौफ प्रांत के अल-हज़्म में सऊदी हवाई हमलों ने एक बाजार और फ्यूल स्टेशन को निशाना बनाया, जिससे कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए।

दूसरी तरफ यमनी सेना ने पुष्टि की है कि हूतियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने अदन हवाई अड्डे पर हमला किया। इस हमले में आम नागरिक घायल हुए और हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों को रोकना पड़ा।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने गुरुवार को जानकारी दी कि उनके हवाई रक्षा तंत्र ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत की ओर आ रही एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा ताइज़ के दक्षिणी इलाकों में सरकारी बलों और हूती समूह के बीच फिर से झड़पें शुरू हो गई हैं।

Share:

Comments

Leave a comment