यमन में युद्ध तेज: 2.9 लाख लोग बेघर, गर्भवती महिलाओं की स्थिति गंभीर
यमन में अगस्त 2026 से फिर शुरू हुए युद्ध के कारण 2.9 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच जंग जारी है।

यमन: संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने एक डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, अगस्त 2026 में युद्ध फिर से भड़कने के बाद से यमन में कम से कम 2.9 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस ताजा संकट से पहले ही देश में 52 लाख से ज्यादा लोग आंतरिक रूप से विस्थापित थे।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने बताया कि नए विस्थापितों में करीब 6,100 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 600 महिलाओं को अगले दो हफ्तों के भीतर बच्चे को जन्म देना है, जिससे उनकी स्वास्थ्य चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
देश में मौजूद 65 हजार से अधिक शरणार्थियों और शरण चाहने वालों की हालत भी बिगड़ती जा रही है। सेवाओं में रुकावट और खाद्य पदार्थों व ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच कई मोर्चों पर लड़ाई तेज हो गई है। सबसे भीषण संघर्ष ताइज़ गवर्नरशिप और विभिन्न तटीय क्षेत्रों में देखा जा रहा है। इस लड़ाई में सऊदी अरब से जुड़ी सीमा पार ड्रोन और मिसाइल गतिविधियां भी शामिल रही हैं।
27 अक्टूबर 2026 तक संयुक्त राष्ट्र ने 263 नागरिक हताहतों का दस्तावेजीकरण किया है, जिनमें 67 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, यमनी नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम्स का दावा है कि ताइज़ जैसे विवादित इलाकों में यह संख्या कहीं अधिक है।
लड़ाई, बंद सड़कों और असुरक्षा के कारण मानवीय सहायता पहुंचाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद सहायता संगठनों ने करीब 2.49 लाख विस्थापितों तक भोजन, स्वच्छता सामग्री और आपातकालीन नकदी पहुंचाई है। UNHCR और IOM जैसी एजेंसियां राहत कार्यों का समन्वय कर रही हैं और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दे रही हैं।