यमन में बढ़ती लड़ाई के कारण दो लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए और वहां गहराया गंभीर मानवीय संकट

यमन: देश में बढ़ती हिंसा और लड़ाई के कारण पिछले कुछ हफ्तों में दो लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, लड़ाई तेज होने के बाद अब तक 2,01,217 लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से 1,97,755 लोग सिर्फ 1 सितंबर के बाद से बेघर हुए हैं।
इस संकट का सबसे बुरा असर ताइज प्रांत में दिख रहा है, जो इस समस्या का केंद्र बना हुआ है। यहाँ कुल विस्थापितों में से 57 फीसदी यानी 1,14,708 लोग रह रहे हैं। लड़ाई की वजह से जरूरी सामान और मदद पहुंचाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने बताया कि करीब 8 लाख लोगों तक पहुंचने वाली जीवनरक्षक खाद्य सहायता बंद हो गई है। ताइज शहर के 6 लाख से ज्यादा निवासी, जिनमें 2 लाख से ज्यादा महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, फिलहाल मदद से वंचित हैं। शहर में गेहूं के आटे का स्टॉक खत्म होने की कगार पर है और खाने-पीने की चीजों के दाम 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि अन्य जरूरी सामान की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
ईंधन की किल्लत भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। पेट्रोल के 20 लीटर के जेरीकैन की कीमत पांच गुना बढ़ गई है और कुकिंग गैस की सप्लाई बहुत कम हो गई है। विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने 15 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि हूती नेतृत्व वाली नाकाबंदी ताइज के 40 लाख से ज्यादा लोगों के लिए बड़ी तबाही ला सकती है।
यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने इस घेराबंदी को तुरंत खत्म करने की मांग की है। वहीं, IOM की महानिदेशक एमी पोप ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील करते हुए कहा कि देरी होने से और ज्यादा जान जा सकती है।
सुरक्षा और लॉजिस्टिक चुनौतियां भी बनी हुई हैं। WFP के मुताबिक, हूती अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के 72 कर्मियों को हिरासत में रखा है, जिनमें WFP के 37 कर्मचारी शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि 2027 तक अपने ऑपरेशन्स जारी रखने के लिए उसे 268 मिलियन डॉलर की फंडिंग की जरूरत है।
देश के भीतर विस्थापन के अलावा, अस्थिरता के कारण 3,700 से ज्यादा लोग समुद्र के रास्ते जिबूती की ओर भाग गए हैं। मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह पूरा क्षेत्र एक बड़ी तबाही की कगार पर खड़ा है।