यमन में दोबारा शुरू हुई जंग से 2.81 लाख लोग बेघर हुए और तइज़ में बढ़ा संकट
यमन में दोबारा शुरू हुई जंग के कारण 2.81 लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या तइज़ प्रांत की है। बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।

तइज़ (यमन): यमन में दोबारा छिड़ी जंग ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अगस्त 2026 से अब तक 2.81 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के मुताबिक, विस्थापित हुए इन लोगों में से आधे से ज्यादा तइज़ प्रांत में शरण लिए हुए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 के बीच नए विस्थापितों की संख्या 2.75 लाख से ज्यादा रही। इनमें से 72 प्रतिशत लोग तइज़ से निकले हैं और वर्तमान में नए विस्थापितों में से 49 प्रतिशत इसी प्रांत में रह रहे हैं। एक यमनी मंत्री ने बताया कि 10 अगस्त से 15 अक्टूबर के बीच अकेले तइज़ प्रांत में 1.35 लाख लोग विस्थापित हुए, जिनमें 52,979 बच्चे शामिल हैं। इसी दौरान 79 आम नागरिकों की मौत हुई और 206 लोग घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बताया कि विस्थापितों में से तीन चौथाई से ज्यादा लोग ऐसी जगहों पर रह रहे हैं जहाँ साफ पानी, बुनियादी स्वच्छता और सही छत की सुविधा नहीं है। फिलहाल 2.30 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन पानी और स्वच्छता सहायता की जरूरत है, जबकि 35 हजार से ज्यादा परिवार रहने के लिए मदद का इंतजार कर रहे हैं।
रास्तों के खराब होने से मानवीय सहायता पहुँचाना मुश्किल हो गया है। तइज़ को दक्षिणी प्रांतों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण अब मदद के सामान को खतरनाक पहाड़ी रास्तों से ले जाना पड़ रहा है। तइज़ के गवर्नर नबील शम्सान ने बताया कि जारी संघर्ष की वजह से वादी अल-धुबाब के कुओं से मिलने वाले 30 लाख लीटर पानी तक लोगों की पहुंच खत्म हो गई है।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने चेतावनी दी है कि भीड़भाड़ वाले शिविरों में महिलाओं और लड़कियों के लिए मानव तस्करी, जबरन शादी और यौन हिंसा का खतरा बढ़ गया है। यूरोपीय संघ के राजदूत पैट्रिक सिमोनट ने 27 अक्टूबर को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तनाव से सालों की राजनयिक प्रगति खतरे में पड़ सकती है। OCHA ने सभी युद्धरत पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा करने, मानवीय काफिलों को रास्ता देने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है।