Yemen Conflict: यमन में फिर भड़की हिंसा, सऊदी अरब और हौथी विद्रोहियों के बीच भीषण जंग से हालात हुए बेकाबू।

यमन का युद्ध अब तक के सबसे खतरनाक और गंभीर दौर में पहुंच चुका है, जो साल 2022 के बाद की सबसे बड़ी सैन्य तबाही साबित हो रहा है। दिनांक 9 सितंबर 2026 को, हौथी लड़ाकों ने अल जौफ इलाके में एक बहुत बड़ा हमला बोल दिया है, जिसके जवाब में सऊदी समर्थित यमनी सरकार यानी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सैनिकों ने भी ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ताजा खूनी संघर्ष ने आम लोगों की जिंदगी को नर्क बना दिया है और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है।
अल जौफ में हवाई हमलों से भारी तबाही
हौथी संगठन के अल मसीराह टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों द्वारा अल जौफ में किए गए हमलों में लगभग 21 से 32 नागरिकों की मौत हो गई है। हौथी सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने मीडिया को जानकारी दी कि सऊदी बलों ने अल जौफ, मारिब, ताएज और होदेइदाह जैसे प्रमुख इलाकों में कुल 32 से 54 हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा, हौथी गुट ने पिछले चौबीस घंटों के दौरान चार सऊदी जासूस ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है, जिसमें सी एच-फोर मॉडल का ड्रोन भी शामिल है। दूसरी तरफ, यमनी सरकार ने दक्षिणी मारिब और ताएज के कई इलाकों में अपनी जीत का दावा किया है।
सऊदी शहरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले
यह लड़ाई अब यमन की सीमाओं को पार करके सीधे सऊदी अरब के अंदर तक पहुंच चुकी है। तारीख 8 और 9 सितंबर को हौथी लड़ाकों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके सऊदी अरब के कई बड़े शहरों जैसे आभा, खमीस मुशैत, जिजान और नज़रान को सीधे तौर पर निशाना बनाया। इन सीमा पार के खतरनाक हमलों में कुल 73 लोग घायल हो गए हैं और वहां के ऊर्जा ढांचे, आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा किंग खालिद एयर बेस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इन हमलों के बाद प्रभावित जगहों पर काम को पूरी तरह से रोकने की पुष्टि कर दी है। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।
लाखों परिवार हुए बेघर और राहत की गुहार
जमीनी स्तर पर मानवीय संकट लगातार बद से बदतर होता जा रहा है। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन यानी IOM की रिपोर्ट के अनुसार, केवल 8 सितंबर को ही ताएज, अल-हुदैदह और लाहज से लगभग 1,400 परिवार अपना घर-बार छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। इसके साथ ही सितंबर महीने में विस्थापित होने वाले परिवारों की कुल संख्या बढ़कर 6,145 हो चुकी है। बाब अल-मण्डब जलडमरूमध्य के आसपास के इलाकों में पिछले हफ्ते जब से हौथी हमला शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक और नागरिक सुरक्षा निदेशक दीना एल मामून ने सभी पक्षों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है ताकि आम नागरिकों की जान बचाई जा सके। वहीं यमन के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल समीर अल-सबरी और सरकारी प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने हौथी नियंत्रण वाले क्षेत्रों को वापस पाने के लिए अपने सैन्य अभियानों को और ज्यादा तेज करने का साफ संकेत दे दिया है।