यमन में भीषण जंग: सरकार और हूती विद्रोहियों की लड़ाई में 1.84 लाख से ज्यादा लोग बेघर

Nura Basta6 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन में भीषण जंग: सरकार और हूती विद्रोहियों की लड़ाई में 1.84 लाख से ज्यादा लोग बेघर

यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच छिड़ी जंग अब एक भयावह मोड़ ले चुकी है। इस बढ़ते संघर्ष के कारण आम जनता का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, अगस्त 2026 की शुरुआत से अब तक 1,84,000 से ज्यादा लोग अपने घरों को छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हो चुके हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य एजेंसियों का अनुमान है कि विस्थापितों की यह संख्या 1,98,000 तक पहुंच सकती है।

युद्ध की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल 27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच ही 21,798 नए लोग विस्थापित हुए, और उसके ठीक अगले दिन 4 अक्टूबर को 6,474 और लोग अपने घर छोड़कर भागे। इस बीच, 5 अक्टूबर 2026 को यमनी सरकार ने 'डॉन ऑफ यमन' नाम से एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद सना शहर पर दोबारा कब्जा करना और सरकारी संस्थानों को बहाल करना है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी बलों ने तइज़ प्रांत और मोखा शहर के पास पश्चिमी तट पर अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है, हालांकि हूती विद्रोहियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

मानवीय संकट और स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

जंग के साथ-साथ यमन में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। WHO के प्रतिनिधि डॉ. सैयद जाफर हुसैन ने चेतावनी दी है कि यह एक जटिल आपातकालीन स्थिति है, जिसके लिए स्वास्थ्य संसाधनों को तुरंत बढ़ाने की जरूरत है। WHO ने अपनी तत्काल फंडिंग की मांग 9 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 31 मिलियन डॉलर कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले हफ्ते तक विस्थापित आबादी के 1% से भी कम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाई थीं।

दूसरी ओर, UNHCR ने यमन, जिबूती और सोमालिया के लिए लेवल 1 इमरजेंसी घोषित की है। यमन में 2026 के ऑपरेशन्स के लिए जरूरी 193.6 मिलियन डॉलर में से अब तक केवल 18% फंड ही जुट पाया है। इस बीच, मानवाधिकारों का हनन भी जारी है। ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया है कि हूती अधिकारी जासूसी के आरोपों में कम से कम आठ लोगों पर मुकदमा चला रहे हैं, जिन्हें मौत की सजा मिल सकती है। साथ ही, 72 संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी और कई नागरिक समाज कार्यकर्ता अभी भी हूती हिरासत में हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस बढ़ते तनाव और हूतियों द्वारा सऊदी अरब के रियाद, जाज़ान और नज़रान हवाई अड्डों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दें।

Share:

Comments

Leave a comment