यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच जंग तेज होने से 2.81 लाख लोग बेघर हुए
यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच जंग तेज होने से 2.81 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। कई नागरिकों की मौत और भारी किल्लत की खबर है।

यमन: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती आंदोलन के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से अब तक 2.81 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। अक्टूबर महीने में हिंसा और ज्यादा बढ़ गई है।
यूएन ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स (OCHA) ने बताया कि 22 अक्टूबर तक विस्थापितों की संख्या लगभग 2.60 लाख थी। इस दौरान 251 नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें 57 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में आधे बच्चे थे।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने चेतावनी दी है कि ताइज़ शहर में गेहूं के आटे का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। हूती बलों ने शहर की घेराबंदी कर रखी है। ईंधन और दवाओं की भारी कमी की वजह से अस्पतालों में नवजात शिशुओं के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ह्यूमन राइट्स वॉच के शोधकर्ता निकु जाफरनिया ने इस घेराबंदी की कड़ी निंदा की है।
सैन्य अभियानों में 29 अक्टूबर 2026 को बड़ा उछाल देखा गया। सरकारी बलों के प्रवक्ता माजिद अल-नुज़ैली ने बताया कि सरकारी सैनिकों ने पिछले 24 घंटों में हूती कमांड सेंटरों और सप्लाई लाइनों पर 749 हमले किए। इन ऑपरेशन्स में 239 हूती लड़ाके मारे गए और 117 सैन्य वाहन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने दावा किया कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राजधानी सना और आठ प्रांतों में 101 हवाई और मिसाइल हमले किए। उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग हताहत हुए हैं। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने पुष्टि की कि उनके एयर डिफेंस ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका है।
अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस लड़ाई का मुख्य केंद्र बन गया है, जहां अब तक छह बार मिसाइल हमले हुए हैं। 28 अक्टूबर को वहां हुए धमाकों के बाद हवाई यातायात रुक गया। याह्या सारेआ ने नागरिकों को वहां से निकलने की चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि वहां सऊदी सैन्य कार्गो विमान हथियारों की खेप लेकर आया था।
इससे पहले 27 अक्टूबर को बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास हुई भारी लड़ाई में कम से कम 97 लड़ाके मारे गए। इनमें 63 हूती और 34 सरकारी समर्थक सैनिक शामिल थे। कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ा है। हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अली अल-हूती ने कहा कि सऊदी अरब के समर्थन में मिस्र की हालिया घोषणा यमन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बराबर है।