Yemen Crisis: यमन के ताएज़ और होदेइदाह में हिंसा तेज़, चार दिनों में 300 से ज़्यादा लोगों की मौत और हज़ारों बेघर.

Nura Basta7 September 20263 min read39 viewsYemen
Yemen Crisis: यमन के ताएज़ और होदेइदाह में हिंसा तेज़, चार दिनों में 300 से ज़्यादा लोगों की मौत और हज़ारों बेघर.

यमन में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और 7 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक देश के कई हिस्सों में संघर्ष बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। सरकारी ताकतों ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ ताएज़ और होदेइदाह प्रांतों में बड़े पैमाने पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। पिछले चार दिनों के दौरान यानी 3 सितंबर से शुरू हुई इस तीव्र हिंसा में 300 से ज़्यादा लड़ाकों और आम नागरिकों की जान जा चुकी है। मारे जाने वालों में 54 सरकारी सैनिक और 63 हूती सदस्य भी शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

हूती मिसाइल हमले और विस्थापन का संकट

हाल ही में ताएज़ में हूती विद्रोहियों की तरफ से एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस लगातार बढ़ते तनाव के बीच आम जनता को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध जैसी इन परिस्थितियों के कारण 3 सितंबर से अब तक ताएज़ और अल-होदेइदाह गवर्नरट से लगभग 18,500 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इस संदर्भ में IOM की आधिकारिक रिपोर्ट में विस्थापन के इन बड़े आंकड़ों की पुष्टि की गई है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) का अनुमान है कि लगभग 1,790 परिवार बेघर हो चुके हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अंतर्राष्ट्रीय चिंता और रणनीतिक संघर्ष

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने 7 सितंबर को एक बयान जारी कर इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि वे तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करते हुए आम नागरिकों की बुनियादी संरचनाओं की रक्षा करें। सामरिक रूप से देखा जाए तो यह पूरा संघर्ष हूती बलों की उस कोशिश के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसमें वे ताएज़ को बंदरगाह शहर मोखा से जोड़ने वाले मुख्य परिवहन मार्गों को काटना चाहते हैं और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।

सैन्य कार्रवाई और प्रतिक्रियाएं

सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से यमन की सरकारी सेना ने अल-जौफ में एक बड़ा हमला बोला है ताकि हूती विद्रोहियों का ध्यान भटकाया जा सके। इस दौरान सरकारी सैनिकों ने काधा क्षेत्र में जबल कौरा जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर फिर से कब्जा कर लिया है। यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने जानकारी दी कि सरकारी बलों ने विशेष क्षमताओं का इस्तेमाल करके हूती संपत्तियों को नष्ट किया है। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरीज ने आरोप लगाया है कि सऊदी हवाई हमलों की वजह से आम नागरिकों का नरसंहार हुआ है और उन्होंने इसके कड़े जवाब देने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि ताएज़ प्रांत के भीतर हूती अभियानों का संचालन करने में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

Share:

Comments

Leave a comment